आज 1 जुलाई 2024 है। काफी दिनों से मैं ब्लॉग लिखने की कोशिश कर रहा था, मेरा मन था कि मैं एक पर्सनल ब्लॉग शुरू करूं। इसके लिए काफी दिनों से मैं प्रयास कर रहा था और आखिरकार आज से मैं यह ब्लॉग शुरू कर रहा हूँ। इस ब्लॉग पर आपको मेरी पर्सनल लाइफ में क्या-क्या हो रहा है, उसके बारे में पढ़ने को मिलेगा। यह एक डेली लाइफ ब्लॉग है। मेरे जीवन में रोज क्या-क्या हो रहा है या मेरे जीवन से संबंधित रोज की घटनाओं के बारे में मैं आपसे यहां शेयर किया करूंगा।
रोज की तरह आज भी मैं सुबह मॉर्निंग वॉक पर गया और रास्ते में मुझे वह मिली लेकिन मुझे देखकर उसने सामने से आते हुए अपना रास्ता बदल लिया। उसकी इस हरकत से मुझे बहुत बुरा लगा, ऐसा लगा मानो पहाड़ टूट कर गिर गया हो। अंदर तक झकझोर कर रख दिया मुझे। जब मैं सुबह जाता हूं तो मुझे यह आस रहती है कि वह मुझे रास्ते में मिलेगी और मैं उसे देख पाऊंगा या मौका मिला तो थोड़ी बहुत बात कर पाऊंगा।
पिछले काफी दिनों से हमारे बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उसके साथ कुछ परेशानियां हैं उसके घर की तरफ से। कुछ लोगों को हमारे रिश्ते के बारे में शक हो गया है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि वह मुझसे किनारा करने लगे। हालांकि मैं समझता हूँ क्योंकि वह एक लड़की है और लड़की को बहुत सँभल कर रहना पड़ता है। अब हमारे बीच बातचीत भी काफी कम या नहीं के बराबर होती है बल्कि कहना चाहिए नहीं होती क्योंकि उसे डर रहता है कि उसके आसपास अगर अचानक से कोई आ गया तो वह देख लेगा। हालांकि मैं उसकी मजबूरी समझता हूँ लेकिन उसे अपनी तरफ से कुछ तो कोशिश करनी चाहिए बात करने की।
मॉर्निंग वॉक से लौटकर अपने दैनिक कार्यों से निपटकर, नहा धोकर मैंने नाश्ता किया और उसके बाद मैं फिर से उसके घर की तरफ गया– इस आस में कि वह देखने को मिलेगी, लेकिन वह नहीं मिली। कुछ देर बाद वह घर से बाहर आई और मैं उसे देख पाया हालांकि उसने मेरी तरफ नहीं देखा शायद आसपास उसके घर वाले रहे होंगे जो कि मुझे नहीं दिख रहे थे लेकिन उसे पता होगा। कुछ देर दूर से ही उसे प्यार से निहारने के बाद वह घर चली गई और मैं भी अपने घर लौट आया।
अब दोपहर हो चुकी थी और इन दिनों में दोपहर के समय सुस्ती बहुत आती है और खाना खाने के बाद तो बस पूछो ही मत ऐसा लगता है जैसे कितने दिनों से नहीं सोए हैं। हालांकि मैं दोपहर में सोने से बचता हूँ क्योंकि दोपहर में सोने के बाद रात को देर से नींद आती है और रात को देर से नींद आती है तो फिर सुबह जल्दी नहीं उठा जाता और फिर सारा रूटीन बिगड़ जाता है। लेकिन मैं थोड़ी देर के लिए आराम करने लेट गया, मेरा मन किया कि 2 मिनट के लिए आंखें बंद करके लेट जाऊँ और जैसे ही मैंने आंखें बंद कीं मुझे पता ही नहीं चला कि कब मुझे नींद आ गई और फिर शाम को 4:00 बजे मैं उठा। थोड़ी देर बाद शाम की चाय का समय हो गया था तो मैंने शाम की चाय पी और थोड़ी देर बैठकर बातें की। अब उसका घर से बाहर निकलने का समय हो गया था तो मैं फिर से उसे देखने की आस में उसके घर की तरफ गया और इस बार वो मुझे जाते ही देखने को मिल गई। जब भी मैं उसे देखता हूँ तो बड़ा सुकून मिलता है, इतना अच्छा लगता है कि मैं शब्दों में नहीं बता सकता।
वह अपना काम समाप्त करके घर के अंदर चली गई और मैं भी अपने घर लौट आया। उसके बाद मैंने घर का कुछ काम निपटाया और अब शाम का समय हो चुका था और यह समय होता है मैं और मेरे दोस्तों के बाहर घूमने का। हम सभी लोग गांव से बाहर घूमने चले जाते हैं और बातें करते हैं या गांव के थोड़ा बाहर ही किसी जगह बैठ जाते हैं और वहां से उसका घर भी साफ दिखाई देता है और अगर वह बाहर आती है तो वह भी दिख जाती है।
अभी रात के 8:30 बज रहे हैं और रात का भोजन लेने के बाद हम सभी लोग फिर से गांव के बाहर घूमने निकल पड़ते हैं। रोज ही हम सभी लोग खाना खाने के बाद रात को टहलने के लिए जाते हैं। कुछ दूरी तक टहलकर आने के बाद हम लोगों ने बैठकर बातें की और उसके बाद घर लौट आए।
इस समय रात के 11:00 बज चुके हैं और अभी सोने का समय हो चुका है और नींद भी आ रही है तो अब मैं आपसे विदा लेता हूँ। आज का ब्लॉग यहीं तक, उम्मीद है आपको पढ़ने में आनंद आया होगा। अब आपसे मिलूंगा कल एक नए ब्लॉग में, तब तक के लिए शुभ रात्रि।
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