शुक्रवार, 19 जुलाई 2024

ऐसा लग रहा है कि जैसे वो कुछ कहना चाह रही हो..| आपका क्या कहना है BSNL vs JIO के बारे में, PORT to BSNL को सपोर्ट करते हैं ? | Personal Blog | Daily Diary Writing | 12 July 2024

 आज है 12 जुलाई 2024 और अभी रात के 11:45 बज रहे हैं। कल से लेकर आज तक मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं थी। कल दोपहर के बाद से सर में दर्द हो रहा था, शायद ज्यादा गर्मी की वजह से क्योंकि कल बहुत ज्यादा गर्मी थी एकदम उमस भरी.. तो कल मैं ब्लॉग नहीं लिख पाया और ना ही कुछ और काम कर पाया। रात में काफी समय बाद जाकर दर्द थोड़ा कम हुआ, फिर कुछ करने का मन भी नहीं किया तो मैं ऐसे ही सो गया और आज भी पूरा दिन सर भारी रहा।

          आज सुबह मैं अपने नियत समय पर सो कर उठा और मॉर्निंग वॉक के लिए गया। सुबह जब मैं उठा था तो मैंने देखा घर का आँगन गीला था, इसका मतलब था कि रात बारिश हुई थी लेकिन सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाने के समय बारिश रुकी हुई थी तो मैं चला गया। मेरा सर अभी भी भारी सा लग रहा था लेकिन मुझे मॉर्निंग वॉक पर जाना था तो मैं घर से चल दिया और रोज ही की तरह उसे देखने की आस में मेरी निगाहें उसके घर के सामने पहुंचते ही उसे तलाशने लगीं लेकिन वह मुझे कहीं भी दिखाई नहीं दी और ना ही रास्ते में आते-जाते मिली। मैं मॉर्निंग वॉक से वापस आया और नहा धोकर नाश्ता किया, उसके बाद मैं बाहर चला गया ताकि उसे देख सकूं। कुछ समय तक मेरी निगाहें उसे ढूंढती रहीं लेकिन वह मुझे कहीं दिखाई नहीं दी। मेरा उसे देखने का बहुत मन कर रहा था और कुछ देर कोशिश करने के बाद आखिर वह मुझे दिख ही गई। मैं उसे ज्यादा देर तो नहीं देख सका लेकिन जितनी देर भी वह मेरे सामने रही मुझे बहुत अच्छा लगा। उसके बाद वह घर के अंदर चली गई और मैं भी अपने घर वापस आ गया। मेरा मन नहीं माना और मैं फिर से बाहर की ओर चल दिया ताकि उसे दोबारा देख सकूं क्योंकि अभी उसका कुछ काम बाकी था। मैं उसे ढूंढते हुए थोड़ा आगे निकल गया ताकि किसी को शक ना हो और कुछ समय बाद उधर से वापस आया लेकिन वह मुझे अभी दिखाई नहीं दी थी तो मैं वहीं पास में खड़ा हो गया, कुछ देर प्रतीक्षा की और उसके बाद वह घर से बाहर आई इस बार मैंने उसे देखा मुझे कुछ गड़बड़ लगा और मैं सावधानी बरतते हुए अपने घर लौट आया। मेरा यह शक सही साबित हुआ क्योंकि जैसे ही मैं अपने घर आया उसके घर की ओर से उसके घर का एक सदस्य बाहर आ रहा था।

            मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं थी तो मैं अपने कमरे में जाकर लेट गया और थोड़ा बहुत काम करने की कोशिश की लेकिन थोड़ा ही कर पाया था की फिर मेरा मन नहीं किया। गर्मी आज भी ज्यादा थी। मैंने पहले खाना खाया और फिर थोड़ी देर टहलने के बाद मैं एक बार फिर उसके घर की ओर गया लेकिन दोपहर के समय उसके दिखने की संभावना काफी कम होती है तो मैं जल्दी ही लौट आया और अपने कमरे में जाकर आराम करने लग गया। आज मैं शाम के समय काफी देर से बाहर गया था। हालांकि उस समय तक वह अपना आधा काम समाप्त कर चुकी थी लेकिन उसके दिखाई देने की संभावना अभी भी थी। जैसे ही मैं बाहर पहुंचा वह मुझे सामने ही दिख गई। उसे देखकर मेरा मन खुश हो गया और मैं शाम वाली अपनी जगह पर जाकर बैठ गया, जहां हम सभी दोस्त मिलते हैं, और जब वह अपने काम से आती जाती तो मैं उसे देखता रहता लेकिन हममें अभी भी बातें नहीं हो रही हैं और ना ही वह मेरी तरफ देख रही है। उसके चेहरे और आँखों से साफ पता चलता है कि उसके घर पर उसकी या तो डाँट पड़ी है या उस पर कुछ दबाव बनाया गया है। मैं कुछ देर वहाँ बैठा रहा और उसके बाद मेरे दोस्त भी आ गए। फिर हमने वहाँ बैठकर काफी देर बातें कीं, उसके बाद मैं कुछ काम से अपने घर वापस आ गया।

              अब मुझे किसी काम से उसके घर की ओर जाना था और जैसे ही मैं उसके घर के सामने पहुंचा वह मुझे फिर से दिखाई दे गई। इस बार उसने थोड़ा सा मेरी ओर देखा जैसे कुछ कहना चाह रही हो लेकिन सामने ही उसके घर का एक सदस्य था तो हम ज्यादा कुछ नहीं कर सके और मैंने काम समाप्त किया और घर वापस आ गया। घर आने के बाद मैं एक बार फिर से बाहर की ओर चला गया जहां मेरे दोस्त मेरा इंतजार कर रहे थे और हम सभी लोग गांव से बाहर घूमने निकल गए। जब धीरे-धीरे रात होने लगी तो हम वापस आए, रात का भोजन लेने के बाद रोज की तरह एक बार फिर से हम लोग टहलने के लिए निकल गए। गांव से बाहर जाकर हम कुछ देर वहां बैठे और बातें कीं और उसके बाद हम लोग वापस आ गए।

           कल मेरे मोबाइल का रिचार्ज भी समाप्त हो गया था और क्योंकि रिचार्ज रात के 10:15 बजे समाप्त हुआ था इसलिए मैंने कल रिचार्ज नहीं कराया। जैसा कि आप सभी को पता चल गया होगा कि रिचार्ज काफी महंगे हो गए हैं। मैं पहले अपने jio number में 239 का रिचार्ज करवाता था जो कि अब 299 का हो चुका है, यानी कि सीधे-सीधे 60 रुपए महंगा हो गया है। औरों की तरह ही मुझे भी निजी कंपनियों की यह महंगाई बढ़ोत्तरी ठीक नहीं लगी। इतना महंगा तो नहीं करना चाहिए था भले ही थोड़ा-बहुत बढ़ा देते। इससे तो BSNL ही अच्छा है, हालांकि मेरा नंबर पहले BSNL का ही था लेकिन बीएसएनएल में यहां सिग्नल न होने की वजह से मैंने जिओ में पोर्ट करा लिया था। अभी भी बीएसएनएल की हालत वही है, अगर BSNL अपना नेटवर्क अच्छा कर ले तो उसकी टक्कर की कोई भी कंपनी नहीं है। यही वजह है कि मैं BSNL छोड़कर JIO में गया था, अब मन है फिर से बीएसएनएल में आने का लेकिन BSNL के सिग्नल हमारे यहां नहीं मिलते जिसकी वजह से बात नहीं हो पाती और फोन डिब्बा बन जाता है। नीचे तो नीचे छत पर जाने के बाद भी बीएसएनएल में सिग्नल नहीं आते इसलिए मजबूरी में बीएसएनएल छोड़ना पड़ा।

           सोशल मीडिया पर भी बहुत सारी मुहिम चल रही हैं जैसे बीएसएनएल की ओर लौटो, Port to BSNL… और इस बीएसएनएल वर्सेस जिओ एयरटेल वोडाफोन आइडिया की लड़ाई में मेरा वोट बीएसएनएल की तरफ ही है लेकिन बीएसएनएल की नेटवर्क कवरेज हमारे यहां अच्छी नहीं होने के कारण मजबूरी में निजी कंपनियों का सहारा लेना पड़ता है

           आज तबीयत थोड़ी ठीक ना होने की वजह से मेरा मन भी नहीं लग रहा है और ना ही मैं कुछ ज्यादा काम कर पा रहा हूँ, बस आराम करने का मन हो रहा है। अभी काफी रात हो चुकी है और मुझे नींद भी आने लगी है तो अब मैं चलता हूँ सोने, आपसे मुलाकात होगी कल फिर से एक नए ब्लॉग में… शुभ रात्रि।

गुरुवार, 11 जुलाई 2024

आज खेत पर ही सारा समय निकल गया जबकि उसे देखने का बहुत मन कर रहा था | Story of my Life | Daily Diary Blog | 10 July 2024

 स्वागत है आप लोगों का मेरे ब्लॉग पर, आज है 10 जुलाई 2024। रोज की तरह आज के दिन की भी शुरुआत हुई मॉर्निंग वॉक से। आज जाते हुए जब मैं उसके घर के सामने पहुँचा तो मैंने देखा वो झाड़ू लगा रही थी। उसकी थोड़ी सी झलक पाकर मैं आगे बढ़ गया। आज मुझे थोड़ी सुस्ती महसूस हो रही थी, इसकी वजह शायद रात को नींद पूरी ना होना थी। मैं मॉर्निंग वॉक से वापस आया और नहा धोकर नाश्ता करने के बाद उसे देखने बाहर आ गया। अभी उसका बाहर का काम बाकी था तो मुझे लगा कि वह दिखाई दे जाएगी लेकिन मेरे कोशिश करने के बाद भी वह दिखाई नहीं दी। मैं वहाँ कुछ देर और रुकता और उसे देखकर ही जाता लेकिन फिर से मेरे घर से बुलावा आ गया और मुझे खेत पर जाना पड़ा और मेरे खेतों पर जाने का मतलब था उसका ना दिखाई देना यानि कि जब तक मैं खेतों से लौट कर आता वह अपना काम समाप्त करके अपने घर चली जाती और वैसा ही हुआ।

           आज हमारे खेतों पर धान लगाए जा रहे थे तो मुझे वहाँ खाना लेकर जाना था। मैं घर से खाना लेकर चल पड़ा और पिछले दिनों हुई लगातार बारिश की वजह से गांव से खेत तक जाने का रास्ता इतना खराब हो चुका था कि मुझे चप्पल निकाल कर अपने हाथों में लेनी पड़ी और इतनी ज्यादा कीचड़ थी कि मेरे पैर टखने तक कीचड़ में सन गए। हालांकि गांव से खेत की दूरी ज्यादा नहीं है और 10 से 15 मिनट में वहां पहुंचा जा सकता है लेकिन रास्ते में इतनी कीचड़ थी कि मुझे बहुत धीरे-धीरे चलना पड़ा क्योंकि रास्ते पर चिकनी मिट्टी थी जिसमें फिसलने का डर था और मैं वहां आधे घंटे से भी ज्यादा समय में पहुंचा। मैंने वहाँ खाना दिया और वापस आ गया। मैं वहाँ से आने की जल्दी कर रहा था क्योंकि मेरा मन तो यहीं था और मैं वहाँ से जब वापस आया तो मैंने देखा कि वह अपना काम समाप्त करके घर के अंदर जा चुकी है तो मुझे बहुत निराशा हुई कि वह आज मुझे फिर से देखने को नहीं मिली।

            मैं कुछ समय के बाद फिर से उसके घर की ओर गया और संयोग से इसका एक छोटा सा काम अभी बाकी था और वह बस उसे निपटा ही रही थी कि मैं पहुंच गया। मुझे बहुत खुशी हुई लेकिन मेरी यह खुशी पल भर की थी क्योंकि जब मैंने गौर से देखा तो उसके आसपास उसके घर के कई सारे लोग मौजूद थे तो मैंने उसे बहुत हल्की नजर से देखा और निगाह दूसरी तरफ घुमा ली और आगे निकल गया क्योंकि मुझे पता था कि अगर मैं उसे गौर से देखूंगा तो उसके घर के सदस्यों की निगाह मुझ पर रहेगी क्योंकि उन लोगों को पहले से ही मुझ पर शक है और मैं नहीं चाहता कि अब आगे और कोई बात बिगड़े। थोड़ा आगे जाकर मैं कुछ देर वहां रुका और फिर वापस आ गया। अब दोपहर हो चुकी थी और उसके घर के बाहर रहने का कोई मौका नहीं था तो मैं घर आकर अपने कमरे में चला गया और फिर मैंने अपने कुछ काम किये और उसके बाद दोपहर का खाना खाया फिर कुछ देर आराम किया और फिर से अपने बाकी काम निपटाए।

          आज आसमान में दोपहर के बाद बादल छाए हुए थे। मैंने शाम की चाय पी और बाहर आ गया और जैसे ही मैं उसके घर के पास पहुंचा तो मैंने देखा कि वह इस समय जो काम करती है वह पहले ही समाप्त करके घर जा चुकी है तो मुझे एक धक्का सा लगा कि यह मौका मेरे हाथ से निकल गया उसे देखने का लेकिन मैंने कुछ देर प्रतीक्षा की कि क्या पता वो फिर से बाहर आए और देखने को मिले। और मेरी यह कोशिश थोड़ी सी सफल हुई क्योंकि वह बाहर तो आई थी लेकिन उस समय मैं काफी दूर था और जैसे ही मैं वापस उसकी ओर आया तो वह फिर से घर के अंदर चली गई। अब मुझे मजबूरी में घर वापस आना पड़ा क्योंकि अब वह कुछ समय बाद ही दिखाई देती।

               अब शाम हो चुकी थी और शाम के समय जैसे कि हम लोग रोज की तरह बाहर मिलते हैं, मैं और मेरे दोस्त, तो मैं घर से बाहर की ओर चल दिया। मैं रास्ते में जा ही रहा था कि मैंने देखा मुझसे कुछ दूरी पर आगे वह भी जा रही थी तो मुझे बहुत खुशी हुई कि आज देखने को भी मिलेगी और उससे कुछ बात भी कर पाऊंगा लेकिन फिर से यह खुशी कुछ पल के लिए थी क्योंकि जैसे ही मैं कुछ आगे बढ़ा रास्ते में उसका भाई खड़ा था। मैं वहाँ रुक तो गया लेकिन उसे ना तो ठीक से देख पाया और बात करना तो संभव ही नहीं था। फिर मैं वहीं बैठ गया और हम लोग बातें करने लगे थोड़ी देर बाद वह चला गया और मैं अकेला ही वहां था। कुछ देर बाद वह फिर से आई और तब मैंने उसे दिखा लेकिन हमने ना तो निगाहें मिलाईं और ना ही कोई बातचीत हुई क्योंकि आसपास कुछ और लोग भी मौजूद थे। वह अपना काम निपटाकर सीधे घर चली गई और मैं वहीं बैठा रहा। कुछ समय पश्चात मैं भी उठकर अपने घर आ गया।

             आज वह मुझसे ज्यादा नहीं मिली और आज मेरा बहुत मन कर रहा था उसे देखने का। शाम के समय मैं अचानक से अपनी छत पर गया तो मैंने देखा वह भी अपने घर की छत पर थी तो मुझे बहुत अच्छा लगा। वह कुछ देर वहाँ रुकी, उसने मेरी ओर देखा और कुछ देर बाद वो नीचे चली गई। उसकी इस हरकत से मुझे बहुत बुरा लगा मुझे लगा मानो वह मुझे देखकर नीचे चली गई और मुझे इग्नोर कर रही है लेकिन वह नीचे इसलिए गई होगी ताकि उसके घर का कोई सदस्य ऊपर ना आ जाए और जब वह मुझे अपनी छत पर और उसे उसकी छत पर देखता तो वह और ज्यादा शक करता कि यह दोनों ही अपने-अपने छत पर क्या कर रहे हैं। या शायद दूसरी वजह होगी कि उसकी कुछ डांट पड़ गई होगी। उसके बाद वह मुझे देखने को नहीं मिली।

            रात का खाना खाने के बाद रोज ही की तरह हम लोग फिर से अपनी नियत जगह पर इकट्ठे हुए और टहलने के लिए निकल गए। कुछ दूर जाकर हम लोग बैठ गए और हमने बातें की और फिर अपने-अपने घर वापस आ गए। अभी रात के 11:45 बजने वाले हैं और अब नींद आने लगी है तो अब मैं चलता हूँ सोने, आपसे मुलाकात होगी कल फिर से एक और नए ब्लॉग पोस्ट के साथ, तब तक के लिए… शुभ रात्रि।

बुधवार, 10 जुलाई 2024

कई दिनों के बाद आज बारिश रुकी तो मॉर्निंग वॉक पर जाने को मिला | आज वो बहुत अच्छी लग रही थी | Personal Diary Blog | 9 July 2024

 आज है 9 जुलाई 2024 और आज चार-पांच दिन के बाद मुझे मॉर्निंग वॉक पर जाने का मौका मिला। कल तक रोज बारिश हो रही थी इसलिए जाने का मौका नहीं मिल पाता था लेकिन कल दोपहर के बाद से बारिश नहीं हुई है और मौसम साफ है तो आज कई दिनों के बाद मैं मॉर्निंग वॉक पर गया। जब मैं सुबह मॉर्निंग वॉक पर जा रहा था तो जैसे ही उसके घर के सामने से निकला वह मुझे एक परछाईं की तरह दिखाई दी बहुत ही कम समय के लिए लेकिन उसके कपड़ों से मैं उसे पहचान गया और आगे बढ़ गया। लेकिन और दिन की तरह वह ना तो मुझे इधर से जाते हुए मिली और ना ही जब मैं उधर से आया तो मिली। मॉर्निंग वॉक से लौट कर आने के बाद मैं किसी काम से उसके घर की ओर गया तो वह मुझे दिखाई नहीं दी लेकिन जब मैं उधर से आ रहा था तब अपने घर से बाहर निकल रही थी। तो मैं उसे देखकर थोड़ी देर के लिए रुक गया, मैंने कोशिश की कि उससे कुछ बात हो जाए लेकिन ऐसा संभव ना हो सका और मैं घर वापस आ गया।

             कुछ समय के बाद नहा धोकर नाश्ता करके मैं फिर से बाहर की ओर गया लेकिन वह मुझे अब भी दिखाई नहीं दी, हालांकि उस समय अपने घर के बाहर वह जो काम करती है वह काम अभी अधूरा था तो मैं समझ गया कि वह यहीं आसपास होगी या अगर घर चली भी गई होगी तो फिर से बाहर आएगी। तो मैं वहीं घूमता रहा और कुछ समय के बाद वह बाहर आई और मुझे देखने को मिली। वह अपना काम करती रही और मैं किसी न किसी बहाने से उसे देखता रहा। मैं इधर से उधर जाता तो कभी उधर से इधर आता और आते-जाते उसे देखता रहा। उसे देखकर ना जाने क्यों बहुत अच्छा लगता है। अभी उसका काम पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ था लेकिन इसी समय मेरे घर से बुलावा आ गया और मुझे घर वापस आना पड़ा। कुछ समय बाद जब मैं फिर से बाहर गया तो वह अपना काम समाप्त करके घर के अंदर जा चुकी थी। अब उसके बाहर आने का कोई मौका नहीं था तो मैं समझ गया कि अब वह मुझे शाम को ही मिलेगी, फिर मैं घर वापस आ गया।

            वहाँ से आने के बाद मैं अपने कमरे में चला गया और रोज की तरह अपने कुछ काम निपटाए और दोपहर के समय खाना खाकर कुछ देर आराम किया। आज ना जाने क्यों थोड़ा सा काम करने के बाद किसी और काम में मन नहीं लग रहा था तो मैं यूं ही लेटा रहा और दोपहर ढलने की प्रतीक्षा करने लगा। दोपहर के बाद जब शाम होने लगी तो यह समय वैसे भी मेरे घर से बाहर जाने का होता है तो मैं बाहर चला गया और उस समय वह अपने घर के बाहर एक और काम करती है तो मैं अपनी जगह जाकर खड़ा हो गया। कुछ समय बाद वह बाहर आई, रोज की तरह ही अपना काम करती रही और मैं उसे निहारता रहा। आज वह जो सूट पहन रही थी उसमें बहुत अच्छी लग रही थी। मेरा मन किया कि उसके पास जाकर उसकी तारीफ कर दूं लेकिन ऐसा संभव नहीं था क्योंकि ऐसा करने के लिए उसके पास जाना पड़ता यानि कि उसके घर जाना पड़ता और वहां पहुंचने का मतलब था उसके घर वालों के सामने उसे कुछ कहना और ऐसा करना एक नया बखेड़ा खड़ा कर देता। तो मैं मन ही मन उसे अपने सामने सोच कर उससे उसकी तारीफ करने लगा। जब वह अपना काम समाप्त करके फिर से घर चली गई तो मैं वापस आ गया।

             शाम के समय हम सभी दोस्त जहां मिलते हैं वहां हम सभी पहुंच गए वहां से उसका घर साफ दिखाई देता है जब हम वहां बातें कर रहे थे तो कुछ समय के लिए वह मुझे दो-तीन बार वहां से दिखाई दी लेकिन सबके सामने उसे गौर से देखना या उसके पास जाने की कोशिश करना ठीक नहीं था। कुछ समय बाद हम वहां से अपने-अपने घर वापस आ गए। इसी समय मुझे किसी काम के लिए फिर से उसके घर की ओर जाना था और इसका मतलब था उसे फिर से देखने का मौका मिलता, तो जब मैं वहां पहुंचा तो वह मुझे फिर से दिख गई लेकिन इस बार मेरा काम जल्दी समाप्त हो गया और वह वहीं रही तो मैंने कुछ सोचा और जल्दी से अपने घर वापस आया और 2 मिनट के बाद ही फिर से उसके घर की ओर चला गया। वह जो काम कर रही थी वह समाप्त नहीं हुआ था तो मैं वहीं खड़ा उसे देखता रहा। इस समय तक उसे पता नहीं था कि मैं वहां खड़ा हूं लेकिन जैसे ही वह काम समाप्त करके उठी तो आदतन उसने इधर की ओर देखा और इधर मैं खड़ा था तो वह समझ गई होगी कि मैं यहां क्यों खड़ा हूँ। उसके बाद वह घर के अंदर चली गई, उसके जाने के बाद मैं भी वापस आ गया।

             आज हमारे पड़ोस में एक दावत थी और उसमें हमें जाना था लेकिन दावत लेट हो गई, जैसा कि अंदेशा रहता है। वहां भोजन लेने के बाद रोज ही की तरह हम सभी लोग फिर से मिले और टहलने के लिए चले गए। आज गर्मी थोड़ी ज्यादा है। जब तक बारिश हो रही थी तब तक मौसम ठंडा था लेकिन उसके बाद जैसे ही आज धूप निकली तो उमस भरी गर्मी शुरू हो गई और इस चिपचिपी गर्मी में परेशानी ज्यादा होती है तो हम सभी लोग टहलने के बाद जल्दी घर वापस आ गए। अभी रात के 11:30 बज रहे हैं और आज मुझे थोड़ी सी ज्यादा नींद आ रही है लेकिन यह ब्लॉग लिखने के लिए मैं अभी तक जगा हूँ। तो चलिए अब मैं सोने के लिए चलता हूं और आपसे मिलूंगा कल फिर से एक नए ब्लॉग पोस्ट में… शुभ रात्रि।

मंगलवार, 9 जुलाई 2024

एक बार फिर वो मुझे पूरे दिन नहीं दिखी...ये मेरे लिए काफी कष्टकारी होता है | My Personal Life Story | Daily Diary | 8 July 2024

 स्वागत है आप सभी लोगों का मेरे इस ब्लॉग पर और आज है, 8 जुलाई 2024। आज सुबह भी वही हुआ जो रोज हो रहा है कुछ दिनों से यानि आज सुबह भी जब मैं सो कर उठा तो बाहर बारिश हो रही थी और एक बार फिर से मैं मॉर्निंग वॉक पर नहीं जा सका और उसे देखने की उम्मीद फिर से समाप्त हो गई। मन मार कर मैं दोबारा से सो गया और कुछ देर बाद उठा तो उस समय भी बारिश हो रही थी। कई दिन से लगातार बारिश हो रही है, रुकने का नाम ही नहीं ले रही। हालांकि मैं बाद में उठने के बाद बारिश में ही बाहर चला गया। मैंने उसे देखने की काफी कोशिश की लेकिन वह दिखाई नहीं दी क्योंकि बारिश में वह घर के बाहर नहीं आ सकती थी। थोड़ी देर बाद मैं वापस घर आ गया और नहा धोकर नाश्ता करके अपने कमरे में चला गया।

          बारिश की वजह से बाहर जाना संभव नहीं था तो मैं काफी देर तक अपने कमरे में ही रहा और अपने कुछ काम निपटाए। थोड़ी देर बाद बारिश कुछ हल्की हुई तो बाहर जाने की आस जागी लेकिन बारिश पूरी तरह से रुकी नहीं थी तो उसके बाहर आने की उम्मीद भी नहीं थी। मैंने घर पर ही रहना उचित समझा। अब दोपहर का समय हो चुका था और भूख भी लग रही थी तो मैंने दोपहर का खाना खाया और फिर से अपने कमरे में वापस आ गया। अब बारिश थोड़ी तेज हो गई थी, एक बार को तो लगा कि यह बारिश शाम तक रुकेगी भी या नहीं लेकिन लगभग 1 घंटे बाद बारिश रुक गई हालांकि आसमान में बादल अभी भी थे और बारिश कभी भी हो सकती थी। कुछ देर बाद आसमान में छाए बादल भी छँटने लगे और मौसम साफ होने लगा तो मुझे बहुत खुशी हुई और मेरी यह खुशी तब और बढ़ गई जब कुछ देर बाद धूप भी निकल आई। जैसे ही मौसम साफ हुआ मैं तुरंत बाहर की ओर गया और उसके घर के पास जाकर देखा तो बाहर कोई भी नहीं था। अब मुझे शाम तक और इंतजार करना पड़ा।

           मुझे अपने बाल कटवाने थे जो कि कई दिनों से बारिश की वजह से नहीं कट पा रहे थे क्योंकि रोज इतनी बारिश हो रही थी कि नाई की दुकान तक जाने का मौका ही नहीं मिल पा रहा था और जब कुछ देर के लिए बारिश रुकती थी तो फिर बाल कटवाने का मन नहीं होता था, क्योंकि नहाने से पहले तो बाल कटवाना सही लगता है ताकि उसके बाद सर धोया जा सके लेकिन जब एक बार नहा लो तो फिर बाल कटवाने का मन नहीं होता। आज मैंने शाम की चाय कुछ जल्दी पी ली थी और लगभग 3:30 बजे मैं बाल कटवाने चला गया क्योंकि कई दिनों से बारिश हो रही थी और आज भी कुछ समय पहले ही बारिश रुकी थी। तो जैसे ही मैं नाई की दुकान पर पहुंचा, वहां भीड़ ज्यादा थी और मुझे वहां काफी समय लग गया। मैं शाम को 5:30 बजे वापस घर आया, जैसे ही मैं घर आया उसी समय घर का एक काम मेरी प्रतीक्षा कर रहा था। फिर मैंने वह काम निपटाया और जल्दी-जल्दी बाहर की ओर गया। जैसे ही मैं उसके घर के पास पहुंचा तो वह मुझे कहीं भी दिखाई नहीं दी लेकिन मैं उसके घर से थोड़ा ही निकला था कि उसकी आवाज मुझे पीछे से सुनाई दी। इस समय मेरे साथ ऐसी विकट परिस्थिति थी कि मैं वापस पलट कर नहीं आ सकता था क्योंकि मैं पहले ही देख चुका था कि उसके आसपास उसका घर का एक सदस्य बैठा है। तो मुझे मन मार कर आगे की ओर जाना पड़ा और उसकी आवाज सुनकर ही संतोष करना पड़ा।

         हालांकि अभी भी उसे देखने का मौका बाकी था लेकिन जैसे ही मैं वहां पहुंचा मेरे और दोस्त भी वहीं बैठे थे और हम लोग शाम को गांव से बाहर घूमने चले गए। हम जब तक वहां से लौटे तब तक काफी देर हो चुकी थी। हालांकि जब मैं इधर से जा रहा था तो मात्र दो-तीन सेकंड के लिए वह मुझे दिखाई तो दे गई लेकिन इतनी अच्छी तरह से नहीं जिससे कि मन खुश हो सके। शाम को घूम कर वापस लौटते समय काफी देर हो गई थी और जैसे ही मैं उसके घर के पास पहुंचा तो वह उस समय घर के बाहर जो काम करती है, वह काम निपटाकर घर के अंदर जा चुकी थी। यह देखकर मेरा मन बहुत उदास हो गया क्योंकि अब उसके दिखाई देने का कोई भी मौका नहीं था। मैं मन मार कर घर वापस आया और रात का खाना खाकर फिर बाहर चला गया। अब उसके दिखाई देने की कोई आस नहीं थी तो हम सभी लोग इकट्ठे हुए रोज ही की तरह और फिर से गांव के बाहर टहलने के लिए निकल गए जैसे कि रोज जाते हैं खाना खाने के बाद।

            अगर मुझे नाई की दुकान पर देर ना हुई होती या वापस आकर मुझे वह काम ना करना पड़ता या शाम के समय हम लोग गांव से बाहर टहलने नहीं जाते तो शायद मैं उसे देख पाता लेकिन ऐसा नहीं हो सका और आज एक बार फिर उसे बिना देखे ही रहना पड़ेगा जो कि मेरे लिए काफी कष्टकारी है। अब सुबह तक और प्रतीक्षा करनी होगी और अगर कल बारिश नहीं हुई तो शायद मैं उसे देख पाऊं। अभी रात के 11:30 बज चुके हैं और मुझे नींद आ रही है अब आपसे मुलाकात होगी कल फिर से एक और नए ब्लॉग पोस्ट में, तब तक के लिए… शुभ रात्रि।

          

सोमवार, 8 जुलाई 2024

आजकल इतनी बारिश हो रही है कि बाहर निकलने को नहीं मिलता...उसे भी नहीं देख पाता | Daily Personal Life Blog | 7July 2024

 स्वागत है आप सभी लोगों का फिर से एक बार मेरे इस ब्लॉग पर और आज है 7 जुलाई 2024। अभी शाम के 5:00 बजने वाले हैं, चलिए आपको आपको बताता हूँ कि सुबह से आज क्या-क्या हुआ। जैसे कि कल ही मुझे कुछ अंदेशा था कि सुबह को मॉर्निंग वॉक पर जाने का मौका शायद ना मिले ठीक वैसा ही हुआ। कल से लगातार बारिश हो रही थी, अभी लगभग 2 घंटे पहले ही बारिश रुकी है। जैसे ही मैं सुबह उठा तो बाहर देखने की आवश्यकता भी नहीं पड़ी मुझे बिस्तर पर लेटे-लेटे ही बाहर हो रही बारिश की आवाज आ गई। आज मुझे बिस्तर से उठने की आवश्यकता भी नहीं पड़ी। बाहर काफी तेज बारिश हो रही थी। उसे देखने की उम्मीद भी धूमिल हो गई लेकिन थोड़ी देर बाद बारिश कुछ हल्की हुई और मैं उसे देखने की आस में बाहर निकल गया। वह मुझे दिख तो गई लेकिन पीछे से, क्योंकि वह आगे जा रही थी। मैं उसके लौट कर आने की उम्मीद में थोड़ी देर और रुक गया और जब वह उधर से आई तो मुझे अच्छे से उसके दर्शन हुए। इसी समय मुझे किसी ने कुछ बात करने के लिए वहाँ रोक लिया और यह मेरे लिए बहुत अच्छा साबित हुआ क्योंकि इस बहाने वह मुझे दो-तीन बार और देखने को मिली। कुछ देर बाद मैं घर वापस आ गया।

           अब बारिश फिर से तेज हो गई थी तो मैं नहा धोकर नाश्ता करके अपने कमरे में चला गया, क्योंकि अब बाहर निकलना संभव नहीं था। मैंने कुछ देर आराम किया, फिर मोबाइल चलाया और उसके बाद अपने कुछ काम निपटाए। बारिश भी लगातार होती जा रही थी और रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी जैसे मुझसे कह रही हो “आज तो तुझे बाहर नहीं जाने दूंगी”। दोपहर को 3:00 बजे के आसपास बारिश रुकी, उसके बाद ही बाहर आने का मौका मिला लेकिन मैं बाहर नहीं आया। मैं कुछ देर घर में ही रहा। शाम की चाय पीने के बाद मैं बाहर किसी काम से आया तो मुझे वह फिर से देखने को मिली। जैसे ही वह मेरे सामने आई उसकी निगाह भी मुझ पर पड़ी लेकिन उसने तुरंत निगाह हटा ली शायद सामने उसके घर का कोई सदस्य बैठा होगा। जब उसके आसपास कोई बैठा होता है तो वो ऐसा ही करती है।

            अभी शाम के 5:15 बज रहे हैं और इस समय मौसम बहुत ही सुहावना हो रहा है। बारिश होने की वजह से ठंडी हवा चल रही है। मैं इस समय अपने घर से थोड़ी दूर उसके घर के पास बैठा हूँ। अभी मैं अकेला ही बैठा हूँ, मेरे दोस्तों में से कोई नहीं आया है अभी तक, तो मैंने सोचा कि मैं आज का ब्लॉग पोस्ट ही लिख लेता हूँ क्योंकि जब सब लोग साथ होते हैं तो लिखना संभव नहीं हो पाता। आज जिस तरह का मौसम हो रहा है उसमें घूमने का बहुत मन करता है क्योंकि यह शांत, सुहावना और साफ-स्वच्छ वातावरण सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। हरे भरे खेत देखकर काफी अच्छा लगता है। गांव में बारिश के साथ एक समस्या अपने आप आ जाती है और वह यह कि जैसे ही बारिश आती है लाइट चली जाती है। अभी आधी रात से बारिश हो रही थी कुछ देर पहले तक, और तभी से लाइट गायब है। हालांकि इनवर्टर अभी तक बैकअप दे रहा है और हमारे यहाँ सोलर पैनल भी लगा है तो अभी तक तो लाइट जाने से हमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन अगर ज्यादा समय तक लाइट गायब रही तब समस्या पैदा हो सकती है। जब हमें लगता है कि लाइट ज्यादा समय तक गायब रह सकती है तो हम अपने घर में बिजली की खपत काफी कम कर देते हैं, जैसे इस समय बारिश का मौसम है और हवा भी ठंडी है तो गर्मी भी नहीं लग रही है तो पंखे बंद रहते हैं। ऐसे में हम टीवी देखने का समय भी कम कर देते हैं और अगर आवश्यकता पड़ी तो कुछ समय के लिए फ्रिज भी बंद करना पड़ जाता है।

           शाम मुझे वहाँ बैठे-बैठे काफी देर हो गई थी लेकिन कोई नहीं आया तो मैं घर वापस आ गया। घर आकर मैंने घर के कुछ काम निपटाए और कुछ देर बाद फिर से वहीं चला गया। वहाँ जाते हुए रास्ते में उसका घर पड़ता है और आदतन उसके घर के सामने जाकर उसके घर की ओर निगाह अपने आप चली जाती है ताकि उसे देख सकूँ और वह दरवाजे के झरोखे में से दिख ही गई। बहुत अच्छी लग रही थी लेकिन मैं वहाँ रुक नहीं सकता था इसलिए आगे बढ़ गया। अब मैंने वहाँ जाकर देखा तो मेरे सारे दोस्त बैठे हुए थे, फिर हम लोगों ने काफी देर तक बातें कीं। इस समय तक हल्की-हल्की बूंदाबांदी भी शुरू हो गई थी तो कुछ देर बाद हम सभी लोग वापस अपने-अपने घर लौट गए।

            रात का खाना खाने के बाद हम सभी फिर से वहीं इकट्ठे हुए। बारिश की वजह से हम टहलने नहीं जा पाते हैं। कई दिन से बारिश ने हमें रोक रखा है तो हम वहीं बैठकर बातें करते रहते हैं और जितना हो सकता है वहीं टहल लेते हैं। लगभग 10:00 बजे हम सभी लोग अपने-अपने घर वापस आ गए। अभी रात के 11:30 बज रहे हैं और यह समय हो जाता है मेरे सोने का, तो अब आपसे मुलाकात होगी कल फिर से एक और नए ब्लॉग पोस्ट में, तब तक के लिए… शुभ रात्रि।

रविवार, 7 जुलाई 2024

उसे खुश देखकर बहुत अच्छा लगता है | दिन भर की बारिश परेशान कर देती है, मन भी नहीं लगता | Daily Lifestyle Blog | 6 July 2024

 हैलो दोस्तों कैसे हैं आप लोग, उम्मीद करता हूँ आप सब अच्छे होंगे… तो स्वागत है आपका मेरे इस ब्लॉग पर और आज है 6 जुलाई 2024। तो चलिए मैं शेयर करता हूँ आपसे कि मेरा आज का दिन कैसा बीता… आज सुबह रोज की तरह मैं अपने नियत समय पर सो कर उठा तो आसमान में काले बादल छाए थे और बारिश कभी भी हो सकती थी लेकिन मैंने फिर भी मॉर्निंग वॉक पर जाने का फैसला किया और जैसे ही मैं गाँव से निकला हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। मुझे एक बार को लगा कि मैं लौट चलूँ लेकिन बारिश तेज नहीं थी तो मैंने आगे जाने का फैसला किया, और सही हुआ मैं मॉर्निंग वॉक पर चला गया क्योंकि उसके बाद बारिश रुक गई थी। मैं मॉर्निंग वॉक पूरी करके घर वापस आ गया लेकिन आज मुझे वह ना तो इधर से जाते हुए मिली और ना ही उधर से आते हुए मिली। उसे ना देख पाने की वजह से थोड़ी सी बेचैनी भी हुई लेकिन क्या किया जा सकता था। मैं वापस आकर अपने दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर नाश्ता करके बैठा था और इस समय जो पहले हल्की बारिश हो रही थी वह रुक गई थी तो मैं उसके घर की ओर चल दिया और सौभाग्य से वह मुझे दिखाई पड़ गई। उसे देखते ही मेरा मन बहुत खुश हुआ जैसा कि हर बार होता है। उस समय मैं अपने किसी काम से जा रहा था तो मैं वहाँ रुका नहीं और आगे निकल गया।

           अब थोड़ी देर बाद ही हल्की-हल्की बारिश शुरू हो गई थी जो कि धीरे-धीरे तेज होती गई। बीच में कुछ समय के लिए बारिश थोड़ी सी हल्की हुई तो मैं एक बार फिर से घर के बाहर निकल गया उसे देखने उसके घर की ओर और इस बार मुझे थोड़ी प्रतीक्षा करनी पड़ी। कुछ देर खड़े रहने के बाद जैसे ही मैंने घर वापस आने का सोचा तो मेरे कानों में उसकी मधुर आवाज सुनाई दी और मैं वहीं रुक गया। मुझे उम्मीद थी कि वह बाहर जरूर आएगी और ऐसा ही हुआ, थोड़ी देर बाद वह घर से बाहर आई। उसने मुझे देखा और मैंने उसे देखा। आज वह थोड़ी सी खुश दिखाई पड़ रही थी, हालांकि वह जल्दी ही घर के अंदर चली गई लेकिन मैं फिर भी काफी देर तक वहीं खड़ा रहा और कुछ समय के बाद वह फिर घर से बाहर आई और एक बार फिर उसके दर्शन मुझे प्राप्त हुए। अब बारिश तेज होने लगी थी तो मैं घर वापस लौट आया।

          दोपहर के बाद जब बारिश तेज हुई तो शाम तक नहीं रुकी और पूरा दिन उसके बाद से ऐसे ही निकल गया। ऐसे में घर से बाहर जाना भी संभव नहीं था और उसे देख पाना भी, तो मन मार कर मुझे घर ही रहना पड़ा। हालांकि मैं थोड़ी देर के लिए फिर भी बारिश में बाहर चला गया, मैं थोड़ा सा भीग गया था लेकिन यह सब बेकार रहा वह मुझे दिखाई नहीं दी तो मैंने अपने आप को समझा दिया कि आज तो ऐसे ही रहना पड़ेगा और कल का इंतजार करते हैं। अभी रात के 11:00 बज रहे हैं और अभी भी रुक-रुक कर बारिश हो रही है और सुबह बारिश की पूरी संभावना है तो हो सकता है कल मॉर्निंग वॉक पर जाने का मौका ना मिले लेकिन मैं भगवान से प्रार्थना करुँगा कि उस समय बारिश ना हो और मैं बाहर जा पाऊँ और उसे देख पाऊँ।

            एक बार वह मुझे सुबह भी देखने को मिली थी जब मैं मॉर्निंग वॉक से वापस आया था। मॉर्निंग वॉक से वापस आकर मैं तुरंत ही बाहर चला गया क्योंकि उस समय एक मौका था उसके घर से बाहर आने का और ऐसा ही हुआ। जैसे ही मैं वहाँ पहुँचा वह इस समय अपने घर से बाहर निकल रही थी लेकिन उस समय जैसे उसने मेरी तरफ देखा तो उसकी आँखों में कुछ शिकायत लग रही थी, पता नहीं क्या बात थी या वह क्या सोच रही थी या क्या कहना चाहती थी। लेकिन… जब वह मुझे दोपहर को मिली तो काफी खुश दिखाई दे रही थी और उसे खुश देखकर मुझे बहुत अच्छा लगता है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूँ कि वह हमेशा ऐसे ही खुश रहे और कभी दुखी ना हो।

             आज लगभग पूरा दिन घर पर ही रहना पड़ा क्योंकि पूरा दिन रुक-रुक कर बारिश होती रही। पूरे दिन घर पर रहने के कारण बोरियत भी महसूस होने लगी थी क्योंकि बाहर निकलने को नहीं मिल रहा था, हालांकि मैं कोशिश करके कुछ समय के लिए बाहर निकल ही गया। कुछ समय की बारिश तो अच्छी लगती है लेकिन जब पूरा दिन ही बारिश की वजह से घर के अंदर रहना पड़े तो मन नहीं लगता, कुछ अजीब सा मन होने लगता है। तो कुछ इस तरह से बीता मेरा आज का दिन और अभी रात काफी हो चुकी है तो मैं चलता हूँ सोने, अब आपसे मुलाकात होगी फिर से कल एक नए ब्लॉग पोस्ट में। तब तक के लिए… शुभ रात्रि।

शनिवार, 6 जुलाई 2024

आज वो नीले सूट में बहुत अच्छी लग रही थी...| Daily Life Blog | Personal Life Blog

 स्वागत है आप सभी का मेरे इस ब्लॉग पर और आज है 5 जुलाई 2024। आज सुबह जब मैं अपने नियत समय पर सोकर उठा तो मैंने बाहर देखा कि आसमान में काफी बादल थे और बारिश होने की पूरी संभावना थी लेकिन मैं मॉर्निंग वॉक पर जाने के लिए तैयार हो गया। एक डर यह भी था कि कहीं रास्ते में बारिश ना आ जाए लेकिन फिर भी मैं चला गया हालांकि रास्ते में कुछ ही दूर चला था कि हल्की-हल्की बूंदे पड़ने लगीं। अब मैंने सोचा कि मैं वापस लौट जाऊं या आगे की ओर ही चलता रहूँ, क्योंकि बूंदें काफी हल्की थीं इसलिए मैंने आगे जाने का सोचा और यह निर्णय सही साबित हुआ क्योंकि थोड़ी देर बाद बारिश रुक चुकी थी। तब मुझे काफी संतोष हुआ कि अच्छा किया मैं वापस नहीं गया। मैं अपनी मॉर्निंग वॉक पूरी करके वापस लौट रहा था और रास्ते में जब मैं गाँव में आ गया तो फिर से वह मुझे सामने से आती हुई दिखी और हमेशा की तरह मैं खुश हो गया। इस बार मैं उससे कुछ नहीं कह पाया क्योंकि मेरे पीछे-पीछे कोई आ रहा था ऐसे में मैं उससे बोल ना सका और वह भी निगाह नीचे करके आगे बढ़ गई।

          मेरे घर वापस आने के कुछ देर बाद बारिश भी शुरू हो गई। मैं नहा धोकर और नाश्ता करके बैठ गया लेकिन बारिश नहीं रुकी। हालांकि बारिश ज्यादा तेज तो नहीं थी लेकिन कभी हल्की कभी तेज हो रही थी, उससे यह फर्क पड़ा कि मुझे बाहर जाने का मौका नहीं मिला और इस समय के उसके दर्शन मुझे नहीं हो पाए। थोड़ा सा निराश होकर मैं अपने कमरे में चला गया और वहां अपना काम करता रहा। रात नींद पूरी ना हो पाने की वजह से मुझे हल्की सी झपकी भी लग गई। मैं दोपहर को लगभग 12:00 बजे उठा तब तक बारिश रुक चुकी थी। मैं तुरंत बाहर गया और उसके घर की ओर जाकर मैंने देखा तो वहां कुछ भी नहीं था क्योंकि वह अपना काम निपटा कर घर में थी और मैं भी अपने घर लौट आया। थोड़ी देर बाद अचानक से मेरे माता-पिता को कहीं जाना पड़ा और अब मैं घर में अकेला था, मेरा मन भी नहीं लग रहा था।

           मैं घर में ही कभी इधर से उधर टहलता तो कभी मोबाइल चलाता तो कभी यूं ही बैठ जाता और जब मन नहीं माना तो मैं एक बार फिर से उसके घर की तरफ चल दिया लेकिन वह मुझे दिखाई नहीं दी। इसके बाद मैं थोड़े-थोड़े समय के पश्चात बार-बार अपने घर से उसके घर के बीच टहलने लगा और मेरी यह कोशिश सफल हुई। इस तरह से टहलते हुए मुझे दो बार वह देखने को मिल गई। वह नहा कर अपने घर से बाहर निकली थी उसके बाल दूर से देखने पर हल्के गीले लग रहे थे और खुले हुए थे। वह नीले रंग के सूट में बहुत ही सुंदर लग रही थी और आज उस पर अचानक से बहुत ज्यादा प्यार आ रहा था। मेरा मन कर रहा था कि मैं उसके पास जाकर उससे बातें करूं लेकिन ऐसा संभव नहीं था।

           अब बारिश तो नहीं हो रही थी लेकिन आसमान में बादल काफी थे और ठंडी ठंडी हवा चल रही थी। इसकी वजह से आज का मौसम बहुत ही सुहावना लग रहा था और मैं कभी घर आकर बैठ जाता तो कभी घर के बाहर सड़क पर टहलने लगता। अब धीरे-धीरे दोपहर के बाद का समय होने लगा था और यह समय उसके घर से बाहर अपने बचे हुए काम को समाप्त करने का था तो मैं उसे देखने की आस में अपने घर से उसके घर की ओर चल दिया और मेरा यह प्रयास फलीभूत हुआ क्योंकि जैसे ही मैं उसके घर के सामने पहुंचा वह मुझे बाहर दिख गई। उसने भी मेरी तरफ देखा कि मैं वहाँ खड़ा हूँ या नहीं। शायद वह सोच रही होगी कि इसे मेरे घर से बाहर निकलने का समय पता रहता है और यह कोई भी मौका नहीं छोड़ता मुझे देखने का। आज वह मुझे ज्यादा देर देखने को नहीं मिली क्योंकि वह अपना आधे से ज्यादा काम समाप्त कर चुकी थी लेकिन फिर भी मुझे अच्छा लगा और जब वह घर के अंदर चली गई तो मैं भी वापस अपने घर आ गया। आज घर पर कोई नहीं था तो मैंने स्वयं चाय बनाई और ऐसे प्यारे मौसम में चाय की चुस्कियों का आनंद लिया। कुछ समय पश्चात मेरे माता-पिता भी घर आ चुके थे और अब मैं घर से बाहर जाने के लिए स्वतंत्र था क्योंकि अब तक घर पर कोई नहीं था तो मुझे घर ही रुकना पड़ा।

          यह समय वैसे भी हम सभी लोगों के अपने-अपने घर से बाहर निकल कर एक जगह बैठकर बातें करने का होता है और रोज की तरह मैं भी घर से बाहर निकल गया। एक बार फिर से मुझे उसके दर्शन प्राप्त हुए, उसके दर्शन मात्र से ही मन प्रफुल्लित हो जाता है। ऐसे आनंद की अनुभूति होती है कि बस पूछो मत। जब रात होने लगी तो हम सभी लोग अपने-अपने घर वापस आ गए और कुछ देर बाद रात का भोजन लेने के पश्चात एक बार फिर से हम सभी लोग अपने नियत स्थान पर फिर से पहुँच गए। हमने अलग-अलग विषय पर बहुत सारी बातें कीं, गपशप की और फिर अपने-अपने घर वापस आ गए। अभी रात के 10:30 बज रहे हैं, इस समय बाहर आसमान में बादल छाए हुए हैं और रात को बारिश की भी संभावना है। अब देखते हैं सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाने के समय बारिश पड़ती है या नहीं और मैं तो दुआ करूंगा कि ना ही पड़े और पड़नी है तो उससे पहले पड़ जाए या मेरे मॉर्निंग वॉक से लौटकर आने के बाद पड़े क्योंकि इसकी वजह तो आप लोग समझ ही गए होंगे। तो चलिए अब रात काफी हो चुकी है अब मुझे नींद भी आने लगी है तो मैं अब चलता हूँ सोने, आपसे मुलाकात होगी एक बार फिर से कल एक और नए ब्लॉग पोस्ट के साथ। तब तक के लिए… शुभ रात्रि।

शुक्रवार, 5 जुलाई 2024

पूरे 1 दिन बाद उसे देखकर मन प्रसन्न हो गया...

 स्वागत है आप सभी का मेरे ब्लॉग पर और आज है 4 जुलाई 2024। मेरा आज का दिन कुछ खास नहीं रहा। अभी शाम के 4:30 रहे हैं और सुबह से आज कुछ खास नहीं किया। आज सुबह जब मैं अपने समय पर सो कर उठा तो एक बात अच्छी थी कि बारिश नहीं हो रही थी और मैं मॉर्निंग वॉक पर चला गया। जब मैं जा रहा था तो रोज की तरह दिल में एक आस थी कि वह मिलेगी, हालॉंकि इधर से जाते हुए तो वह नहीं मिली लेकिन जब मैं उधर से आ रहा था तो वह मुझे अपने घर के पास ही रास्ते में मिल गई और उसे देखते ही मन इतना खुश हुआ कि मैं शब्दों में नहीं बता सकता क्योंकि कल पूरे दिन वह मुझे दिखाई नहीं दी थी। मैंने उससे कुछ पूछा लेकिन उसने जवाब नहीं दिया और निगाहें नीचे करके वह आगे बढ़ गई, हालॉंकि मुझे बुरा तो लगा कि उसने मेरी बात का कोई जवाब नहीं दिया और वह मुझसे बोली नहीं लेकिन मुझे इस बात की खुशी है कि वह मुझे देखने को मिल गई। वैसे बाहर वह अक्सर कम ही बोलती है या नहीं ही बोलती है क्योंकि उसे ज्यादा डर रहता है आसपास के लोगों का कि कहीं कोई देख ना ले और कुछ ऐसा वैसा ना सोचे। मैं उसकी यह मजबूरी समझता हूँ लेकिन क्या करुँ मेरा मन नहीं मानता जब तक कि मैं उससे बोल ना लूँ।

           मॉर्निंग वॉक से आने के बाद में नहा धोकर और नाश्ता करने के बाद एक बार फिर से उसके घर की तरफ चल दिया उसे एक बार फिर से देखने की आस में, और मैं इसमें सफल रहा। वह मुझे अपने घर के बाहर काम करते हुए मिल गई। वह मुझे जब भी मिलती है कुछ ना कुछ काम करते हुए ही मिलती है, बेचारी पता नहीं कितना काम करती है। मुझे उसका बहुत ख्याल आता है। उसे देखकर एक बार फिर मैं खुश हो गया और जब तक वो अपने घर के बाहर अपना काम करती रही मैं उसके आसपास ही रहा और उसे देखता रहा। काम समाप्त करके उसके घर जाने के बाद मैं भी वापस अपने घर आ गया और अपने कमरे में जाकर लेट गया। कुछ देर बाद मेरे और दोस्त भी मेरे पास आ गए। आज गाँव में ही एक दावत थी जिसमें हम सभी को शामिल होना था तो जब तक दावत का बुलावा नहीं आया मैं और मेरे दोस्त कमरे में गपशप करते रहे। कुछ देर के बाद जब दावत का बुलावा आया तो हम सभी वहाँ चले गए और वहाँ से आने के बाद एक बार फिर से हम सभी मेरे घर वापस आ गए और काफी देर तक हम लोग यूँ ही बातचीत करते रहे।

            कुछ देर बातें करने के बाद वे सब अपने-अपने घर चले गए उसके बाद मैं भी अपना कुछ काम करने लगा। शाम की चाय पीने के बाद मैं रोज की तरह एक बार फिर से उसके घर की ओर चल दिया। मुझे उम्मीद थी कि वह मुझे देखने को मिल सकती है और यह उम्मीद सही साबित हुई जब मैं उसके घर के पास पहुंचा तो वह रोज की तरह ही अपना काम कर रही थी और एक बार फिर से उसे देखकर मेरा मन खुश हो गया। कुछ देर बाद जब उसका काम समाप्त हो गया तो वह भी घर के अंदर चली गई और मैं भी अपने घर वापस लौट आया। मैंने घर के कुछ काम निपटाए और अब शाम हो चुकी थी। शाम के समय जैसे कि हम सभी दोस्त मिलते हैं और बातें करते हैं तो मैं एक बार फिर से बाहर चला गया। उसे देखने का सौभाग्य एक बार फिर से मुझे मिला लेकिन इस बार वह अपने भतीजे को खिला रही थी गोद में और उसके आसपास ही उसके घर के और भी सदस्य थे तो ना तो उसने मेरी तरफ देखा और ना ही हममें बातें हुईं और ऐसे में कुछ हो भी नहीं सकता था।

             दोपहर को जहाँ गाँव की दावत थी वहीं रात को जागरण का कार्यक्रम था तो मुझे उम्मीद थी कि वह जागरण में आएगी लेकिन कहीं ना कहीं मन के अंदर यह संदेह भी था कि शायद ना भी आए क्योंकि उसके घर वालों को हमारे बारे में शक हो गया है और वह रात में उसे ना भेजें। लेकिन उसके घर के कुछ सदस्य आए थे और वह नहीं आई। उसके ना आने की कोई और वजह भी हो सकती है क्योंकि अपनी मम्मी के साथ आने में तो उसे कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। मैं और मेरे दोस्तों ने कुछ देर जागरण का प्रोग्राम देखा और उसके बाद हम लोग घर वापस आ गए क्योंकि अब रात काफी हो चुकी थी। अभी रात के 12:00 बज रहे हैं और सभी लोग सो चुके हैं तो अब मैं भी सोने जा रहा हूँ। अब आपसे मुलाकात होगी कल एक नए ब्लॉग पोस्ट में, तब तक के लिए…. शुभ रात्रि।

गुरुवार, 4 जुलाई 2024

आज तो पूरे दिन वो मुझे देखने को नहीं मिली....दिन भर बारिश होती रही।

 स्वागत है आप सभी का एक बार फिर से मेरे इस ब्लॉग पर और आज है 3 जुलाई 2024। आज का मेरा दिन कुछ इस तरह से बीटा रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर जाने के लिए आज जैसे ही मैं सुबह अपने समय पर सोकर उठा तो बारिश हो रही थी जिसकी वजह से मैं आज भी मॉर्निंग वॉक पर नहीं जा पाया और बिस्तर से उठने के बाद जब मैंने देखा कि बाहर बारिश हो रही है तो एक बार फिर से वापस जाकर सो गया वैसे तो और दिन बारिश जल्दी रुक जाती थी लेकिन आज दोपहर के बाद तक बारिश होती रही तो मैं घर से बाहर भी नहीं जा पाया।

           आज मैंने काफी प्रतीक्षा की की बारिश रुक जाए और मैं बाहर जा पाऊं लेकिन ऐसा संभव नहीं हुआ और मैं शाम को ही बाहर जा पाया आज पूरा दिन घर के अंदर ही रहना पड़ा इस बारिश की वजह से आज वह मुझे पूरे दिन देखने को नहीं मिली सुबह को मॉर्निंग वॉक पर जाते हुए वह मुझे अक्सर रास्ते में मिल जाती है लेकिन आज मैं गया नहीं तो सुबह उसे देखने का मौका भी नहीं मिला उसके बाद वह अपने घर के काम निपटाती है और एक बार फिर से मुझे मौका मिलता है उसे देखने का लेकिन आज वह भी संभव नहीं हो पाया इस बारिश की वजह से आज पूरा दिन बारिश पड़ती रही और ना तो मैं घर से बाहर जा पाया और ना ही वह घर से बाहर आप आई होगी तो इस तरह से आज वह मुझे पूरे दिन किसी भी समय थोड़ी देर के लिए भी देखने को नहीं मिली जब किसी को देखने की आप हो और उसे देखने का हद से ज्यादा मन करे और ऐसे में वह हमें दिखाई ना दे तो आप समझ सकते हैं मां को कैसा लगता होगा यह मां के अंदर कैसे हालात होते होंगे और आज का दिन मेरे लिए थोड़ा उदासी भरा और थोड़ा मुश्किल रहा।

             दोपहर के बाद जब बारिश रुक गई तो मैं बाहर गया लेकिन वह मुझे देखने को नहीं मिली हालांकि उसे देखने का मौका बन सकता था क्योंकि किसी न किसी समय तो वह घर से बाहर आई होगी लेकिन मैं और मेरे दोस्त शाम के समय गांव से बाहर घूमने चले गए थे क्योंकि बारिश के बाद का मौसम बहुत ही साफ और शांति वाला होता है चारों तरफ हरे-भरे खेत और पेड़ देखकर बहुत सुकून मिलता है हम सभी लोग गांव से दूर जाकर एक जगह बैठकर बातें करने लगे और बातों ही बातों में हमें उधर से लौटने में काफी देर हो गई अंधेरा हो चुका था तो अगर वह घर से बाहर भी आई होगी तो मुझे पता नहीं चला उसे आज ना देख पाने की वजह से मन थोड़ा उदास है।

          आज ना चाहते हुए भी एक बार फिर से दोपहर में मुझे नींद आ गई और मेरे काफी सारे काम नहीं हो पाए अगर आप अपने काम की योजना बना कि आपको यह काम इस समय करना है और वह कम उसे समय करना है सारे काम एक के बाद एक योजना बंद तरीके से निपटने हैं और वह काम आप किसी वजह से ना कर पाओ तो एक अपराध बोध जैसा अनुभव होता है कुछ ऐसा ही मुझे लग रहा है आज एक तो कोई भी काम योजना के अनुसार नहीं हो पाया और दूसरा वह भी देखने को नहीं मिली अब उसे देखने के लिए कल का इंतजार करना पड़ेगा कहीं ऐसा ना हो कि कल भी आज की तरह बारिश हो जाए अगर ऐसा हुआ तो कल उदासी और बढ़ जाएगी लेकिन किसी भी हाल में कल मुझे उसे देखना है।

             शाम का भोजन लेने के बाद रोज की तरह हम सभी लोग एक बार फिर से टहलने के लिए गांव से बाहर निकल गए और कुछ दूर जाकर कुछ देर बातें करने के बाद हम वापस लौट आए घर वापस आने के बाद मुझे फिर से अपने कुछ काम करने थे लेकिन आज काम करने का मन नहीं किया अभी रात के 12:00 बजने वाले हैं और अब नींद आने लगी है तो अभी मैं सोने जा रहा हूं अब आपसे मुलाकात होगी कल एक और नए ब्लॉक पोस्ट में तब तक के लिए अलविदा… शुभ रात्रि।

बुधवार, 3 जुलाई 2024

आज उसे देखकर लगा जैसे वो भी मुझे उदास देखकर दुखी है

 हैलो दोस्तों स्वागत है आप सभी लोगों का फिर से मेरे इस ब्लॉग पर और आज है 2 जुलाई 2024। आज सुबह मैं मॉर्निंग वॉक पर नहीं जा पाया क्योंकि बारिश हो रही थी। कल शाम से ही काफी बादल थे और बारिश की पूरी संभावना थी। रात में एक बार मेरी आँख खुली तो मुझे बारिश होती हुई मिली, मुझे तभी लगा कि मैं सुबह मॉर्निंग वॉक पर नहीं जा पाऊंगा और वही हुआ। मैं अपने समय पर सुबह सो कर उठा तो मैंने बाहर देखा, हालांकि उस समय बारिश तो नहीं हो रही थी लेकिन बादलों की गड़गड़ाहट काफी थी और ऐसा लग रहा था जैसे बारिश होने वाली हो। एहतियात के तौर पर मैंने आज जाना कैंसिल कर दिया क्योंकि अगर रास्ते में बारिश पड़ जाती तो छिपने की जगह नहीं मिलती क्योंकि जहाँ मैं मॉर्निंग वॉक पर जाता हूँ वहाँ सड़क के दोनों और खेत हैं और कोई भी घर बना हुआ नहीं है।

          आज मैं मॉर्निंग वॉक पर नहीं गया तो वह भी मुझे देखने को नहीं मिली। मुझे उसकी बहुत याद आ रही थी क्योंकि रोज सुबह उसे देखने की आदत सी हो गई है और जिस दिन वह देखने को ना मिले तो बहुत बुरा लगता है। आज मैं थोड़ा लेट सो कर उठा और उठने के बाद मैं उसके घर की तरफ गया तो सौभाग्य से वह मुझे अपने घर के बाहर ही मिल गई। वह कुछ काम कर रही थी और उसे देखते ही मेरा मन प्रसन्न हो गया। हम दोनों में कोई बातचीत नहीं हुई और उसकी कोई संभावना भी नहीं थी क्योंकि पास ही उसके घर के सदस्य थे। उसने मेरी तरफ देखा भी नहीं लेकिन उसके चेहरे से साफ लग रहा था कि मुझे उदास देखकर वह भी दुखी है। कुछ देर बाद मैं वापस घर लौट आया।

           आज मुझे सो कर उठने में देर हो गई तो दैनिक कार्य भी देर में निपटे। नहा धोकर नाश्ता करने के बाद मैं एक बार फिर से उसके घर की तरफ गया कि कहीं से उसकी एक झलक दिखाई दे। मुझे पहले ही लग रहा था कि आज मुझे देर हो गई है और वही हुआ, जब तक मैं वहां पहुंचा वह अपने सारे काम समाप्त करके घर के अंदर जा चुकी थी और मैं निराश मन से वापस लौट आया।

         अभी शाम के 5:00 बजे हैं और आज मैं दोपहर में सोया नहीं। आज दोपहर में मैंने अपना कुछ काम किया जोकि मैं रोज कोशिश करने के बाद भी नहीं कर पाता था और सो जाता था। अपना काम समय पर समाप्त न करने की वजह से शाम को बहुत बुरा लगता था अपने आप से, लेकिन आज मैंने अपना काम किया और अब मुझे अच्छा महसूस हो रहा है। अभी थोड़ी देर पहले शाम की चाय पीने के बाद मैं बाहर गया और आदतन उसके घर की तरफ चल दिया उसे देखने की आस में। और जैसे ही मैं वहाँ पहुँचा वह मेरे सामने थी, अपने घर के बाहर अपना काम कर रही थी और उसे देखते ही मेरा मन खिल उठा। जब तक वह अपना काम कर रही थी मैं बस उसे देख रहा था। उसे देखने के बाद ऐसी संतुष्टि मिलती है जैसे मानो अमृत मिल गया हो। जब वह अपना काम समाप्त करके घर के अंदर चली गई उसके बाद मैं भी अपने घर लौट आया।

          घर आने के बाद मैंने अपना खुद का काम और कुछ घर का काम निपटाया और उसके बाद अब शाम भी हो चली थी तो यह समय हो गया था मेरे बाहर निकलने का। रोज की तरह हम सभी लोग जहाँ इकट्ठा होते हैं वहाँ पहुँच गए और काफी सारी बातें की, उसके बाद जब रात हो चली तो हम सब अपने-अपने घर को लौट गए। घर लौटने से पहले वह मुझे एक बार और देखने को मिली और इस बार उसने भी मेरी तरफ देखा शायद उसे भी मेरी उदासी अच्छी नहीं लग रही थी। इस बार जिस तरह से उसने मेरी ओर देखा, मुझे बहुत प्रसन्नता हुई और तभी से मेरा मन खुश है।

          रोज की तरह रात का भोजन लेने के बाद हम सभी लोग टहलने के लिए निकल गए। गाँव से काफी दूर जाकर हम बैठ गए और फिर गपशप करने लगे, कुछ समय बाद हम वापस लौट आए और अपने-अपने घर आ गए। अभी रात के 11:00 बज रहे हैं और घर आने के बाद से अब तक मैं अपना काम कर रहा था, और अब काम समाप्त करके मैंने यह ब्लॉग लिखा। तो कुछ इस तरह से बीता मेरा आज का दिन। अब काफी समय हो गया है और नींद भी आने लगी है तो मैं जाता हूँ अब सोने, अब आपसे मिलूंगा कल एक नए ब्लॉग पोस्ट के साथ… शुभ रात्रि।

मंगलवार, 2 जुलाई 2024

अब हम दोनों में बातचीत नहीं होती, कुछ परेशानियां चल रही हैं हमारे साथ लेकिन उसे देखकर बहुत सुकून मिलता है

 आज 1 जुलाई 2024 है। काफी दिनों से मैं ब्लॉग लिखने की कोशिश कर रहा था, मेरा मन था कि मैं एक पर्सनल ब्लॉग शुरू करूं। इसके लिए काफी दिनों से मैं प्रयास कर रहा था और आखिरकार आज से मैं यह ब्लॉग शुरू कर रहा हूँ। इस ब्लॉग पर आपको मेरी पर्सनल लाइफ में क्या-क्या हो रहा है, उसके बारे में पढ़ने को मिलेगा। यह एक डेली लाइफ ब्लॉग है। मेरे जीवन में रोज क्या-क्या हो रहा है या मेरे जीवन से संबंधित रोज की घटनाओं के बारे में मैं आपसे यहां शेयर किया करूंगा।

         रोज की तरह आज भी मैं सुबह मॉर्निंग वॉक पर गया और रास्ते में मुझे वह मिली लेकिन मुझे देखकर उसने सामने से आते हुए अपना रास्ता बदल लिया। उसकी इस हरकत से मुझे बहुत बुरा लगा, ऐसा लगा मानो पहाड़ टूट कर गिर गया हो। अंदर तक झकझोर कर रख दिया मुझे। जब मैं सुबह जाता हूं तो मुझे यह आस रहती है कि वह मुझे रास्ते में मिलेगी और मैं उसे देख पाऊंगा या मौका मिला तो थोड़ी बहुत बात कर पाऊंगा।

          पिछले काफी दिनों से हमारे बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उसके साथ कुछ परेशानियां हैं उसके घर की तरफ से। कुछ लोगों को हमारे रिश्ते के बारे में शक हो गया है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि वह मुझसे किनारा करने लगे। हालांकि मैं समझता हूँ क्योंकि वह एक लड़की है और लड़की को बहुत सँभल कर रहना पड़ता है। अब हमारे बीच बातचीत भी काफी कम या नहीं के बराबर होती है बल्कि कहना चाहिए नहीं होती क्योंकि उसे डर रहता है कि उसके आसपास अगर अचानक से कोई आ गया तो वह देख लेगा। हालांकि मैं उसकी मजबूरी समझता हूँ लेकिन उसे अपनी तरफ से कुछ तो कोशिश करनी चाहिए बात करने की।

             मॉर्निंग वॉक से लौटकर अपने दैनिक कार्यों से निपटकर, नहा धोकर मैंने नाश्ता किया और उसके बाद मैं फिर से उसके घर की तरफ गया– इस आस में कि वह देखने को मिलेगी, लेकिन वह नहीं मिली। कुछ देर बाद वह घर से बाहर आई और मैं उसे देख पाया हालांकि उसने मेरी तरफ नहीं देखा शायद आसपास उसके घर वाले रहे होंगे जो कि मुझे नहीं दिख रहे थे लेकिन उसे पता होगा। कुछ देर दूर से ही उसे प्यार से निहारने के बाद वह घर चली गई और मैं भी अपने घर लौट आया।

         अब दोपहर हो चुकी थी और इन दिनों में दोपहर के समय सुस्ती बहुत आती है और खाना खाने के बाद तो बस पूछो ही मत ऐसा लगता है जैसे कितने दिनों से नहीं सोए हैं। हालांकि मैं दोपहर में सोने से बचता हूँ क्योंकि दोपहर में सोने के बाद रात को देर से नींद आती है और रात को देर से नींद आती है तो फिर सुबह जल्दी नहीं उठा जाता और फिर सारा रूटीन बिगड़ जाता है। लेकिन मैं थोड़ी देर के लिए आराम करने लेट गया, मेरा मन किया कि 2 मिनट के लिए आंखें बंद करके लेट जाऊँ और जैसे ही मैंने आंखें बंद कीं मुझे पता ही नहीं चला कि कब मुझे नींद आ गई और फिर शाम को 4:00 बजे मैं उठा। थोड़ी देर बाद शाम की चाय का समय हो गया था तो मैंने शाम की चाय पी और थोड़ी देर बैठकर बातें की। अब उसका घर से बाहर निकलने का समय हो गया था तो मैं फिर से उसे देखने की आस में उसके घर की तरफ गया और इस बार वो मुझे जाते ही देखने को मिल गई। जब भी मैं उसे देखता हूँ तो बड़ा सुकून मिलता है, इतना अच्छा लगता है कि मैं शब्दों में नहीं बता सकता।

         वह अपना काम समाप्त करके घर के अंदर चली गई और मैं भी अपने घर लौट आया। उसके बाद मैंने घर का कुछ काम निपटाया और अब शाम का समय हो चुका था और यह समय होता है मैं और मेरे दोस्तों के बाहर घूमने का। हम सभी लोग गांव से बाहर घूमने चले जाते हैं और बातें करते हैं या गांव के थोड़ा बाहर ही किसी जगह बैठ जाते हैं और वहां से उसका घर भी साफ दिखाई देता है और अगर वह बाहर आती है तो वह भी दिख जाती है।

        अभी रात के 8:30 बज रहे हैं और रात का भोजन लेने के बाद हम सभी लोग फिर से गांव के बाहर घूमने निकल पड़ते हैं। रोज ही हम सभी लोग खाना खाने के बाद रात को टहलने के लिए जाते हैं। कुछ दूरी तक टहलकर आने के बाद हम लोगों ने बैठकर बातें की और उसके बाद घर लौट आए।

         इस समय रात के 11:00 बज चुके हैं और अभी सोने का समय हो चुका है और नींद भी आ रही है तो अब मैं आपसे विदा लेता हूँ। आज का ब्लॉग यहीं तक, उम्मीद है आपको पढ़ने में आनंद आया होगा। अब आपसे मिलूंगा कल एक नए ब्लॉग में, तब तक के लिए शुभ रात्रि।

मेरा आज का दिन कल से भी ज्यादा उदासी भरा रहा...| 26 October 2024 Diary

स्वागत है आप लोगों का मेरी दैनिक डायरी में, आज है 26 अक्टूबर 2024। मेरा आज का दिन बहुत ही खराब रहा जैसे कि मैंने आपको कल बताया था कि कल उसने...