स्वागत है आप सभी का एक बार फिर से मेरे इस ब्लॉग पर और आज है 3 जुलाई 2024। आज का मेरा दिन कुछ इस तरह से बीटा रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर जाने के लिए आज जैसे ही मैं सुबह अपने समय पर सोकर उठा तो बारिश हो रही थी जिसकी वजह से मैं आज भी मॉर्निंग वॉक पर नहीं जा पाया और बिस्तर से उठने के बाद जब मैंने देखा कि बाहर बारिश हो रही है तो एक बार फिर से वापस जाकर सो गया वैसे तो और दिन बारिश जल्दी रुक जाती थी लेकिन आज दोपहर के बाद तक बारिश होती रही तो मैं घर से बाहर भी नहीं जा पाया।
आज मैंने काफी प्रतीक्षा की की बारिश रुक जाए और मैं बाहर जा पाऊं लेकिन ऐसा संभव नहीं हुआ और मैं शाम को ही बाहर जा पाया आज पूरा दिन घर के अंदर ही रहना पड़ा इस बारिश की वजह से आज वह मुझे पूरे दिन देखने को नहीं मिली सुबह को मॉर्निंग वॉक पर जाते हुए वह मुझे अक्सर रास्ते में मिल जाती है लेकिन आज मैं गया नहीं तो सुबह उसे देखने का मौका भी नहीं मिला उसके बाद वह अपने घर के काम निपटाती है और एक बार फिर से मुझे मौका मिलता है उसे देखने का लेकिन आज वह भी संभव नहीं हो पाया इस बारिश की वजह से आज पूरा दिन बारिश पड़ती रही और ना तो मैं घर से बाहर जा पाया और ना ही वह घर से बाहर आप आई होगी तो इस तरह से आज वह मुझे पूरे दिन किसी भी समय थोड़ी देर के लिए भी देखने को नहीं मिली जब किसी को देखने की आप हो और उसे देखने का हद से ज्यादा मन करे और ऐसे में वह हमें दिखाई ना दे तो आप समझ सकते हैं मां को कैसा लगता होगा यह मां के अंदर कैसे हालात होते होंगे और आज का दिन मेरे लिए थोड़ा उदासी भरा और थोड़ा मुश्किल रहा।
दोपहर के बाद जब बारिश रुक गई तो मैं बाहर गया लेकिन वह मुझे देखने को नहीं मिली हालांकि उसे देखने का मौका बन सकता था क्योंकि किसी न किसी समय तो वह घर से बाहर आई होगी लेकिन मैं और मेरे दोस्त शाम के समय गांव से बाहर घूमने चले गए थे क्योंकि बारिश के बाद का मौसम बहुत ही साफ और शांति वाला होता है चारों तरफ हरे-भरे खेत और पेड़ देखकर बहुत सुकून मिलता है हम सभी लोग गांव से दूर जाकर एक जगह बैठकर बातें करने लगे और बातों ही बातों में हमें उधर से लौटने में काफी देर हो गई अंधेरा हो चुका था तो अगर वह घर से बाहर भी आई होगी तो मुझे पता नहीं चला उसे आज ना देख पाने की वजह से मन थोड़ा उदास है।
आज ना चाहते हुए भी एक बार फिर से दोपहर में मुझे नींद आ गई और मेरे काफी सारे काम नहीं हो पाए अगर आप अपने काम की योजना बना कि आपको यह काम इस समय करना है और वह कम उसे समय करना है सारे काम एक के बाद एक योजना बंद तरीके से निपटने हैं और वह काम आप किसी वजह से ना कर पाओ तो एक अपराध बोध जैसा अनुभव होता है कुछ ऐसा ही मुझे लग रहा है आज एक तो कोई भी काम योजना के अनुसार नहीं हो पाया और दूसरा वह भी देखने को नहीं मिली अब उसे देखने के लिए कल का इंतजार करना पड़ेगा कहीं ऐसा ना हो कि कल भी आज की तरह बारिश हो जाए अगर ऐसा हुआ तो कल उदासी और बढ़ जाएगी लेकिन किसी भी हाल में कल मुझे उसे देखना है।
शाम का भोजन लेने के बाद रोज की तरह हम सभी लोग एक बार फिर से टहलने के लिए गांव से बाहर निकल गए और कुछ दूर जाकर कुछ देर बातें करने के बाद हम वापस लौट आए घर वापस आने के बाद मुझे फिर से अपने कुछ काम करने थे लेकिन आज काम करने का मन नहीं किया अभी रात के 12:00 बजने वाले हैं और अब नींद आने लगी है तो अभी मैं सोने जा रहा हूं अब आपसे मुलाकात होगी कल एक और नए ब्लॉक पोस्ट में तब तक के लिए अलविदा… शुभ रात्रि।
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