शुक्रवार, 19 जुलाई 2024

ऐसा लग रहा है कि जैसे वो कुछ कहना चाह रही हो..| आपका क्या कहना है BSNL vs JIO के बारे में, PORT to BSNL को सपोर्ट करते हैं ? | Personal Blog | Daily Diary Writing | 12 July 2024

 आज है 12 जुलाई 2024 और अभी रात के 11:45 बज रहे हैं। कल से लेकर आज तक मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं थी। कल दोपहर के बाद से सर में दर्द हो रहा था, शायद ज्यादा गर्मी की वजह से क्योंकि कल बहुत ज्यादा गर्मी थी एकदम उमस भरी.. तो कल मैं ब्लॉग नहीं लिख पाया और ना ही कुछ और काम कर पाया। रात में काफी समय बाद जाकर दर्द थोड़ा कम हुआ, फिर कुछ करने का मन भी नहीं किया तो मैं ऐसे ही सो गया और आज भी पूरा दिन सर भारी रहा।

          आज सुबह मैं अपने नियत समय पर सो कर उठा और मॉर्निंग वॉक के लिए गया। सुबह जब मैं उठा था तो मैंने देखा घर का आँगन गीला था, इसका मतलब था कि रात बारिश हुई थी लेकिन सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाने के समय बारिश रुकी हुई थी तो मैं चला गया। मेरा सर अभी भी भारी सा लग रहा था लेकिन मुझे मॉर्निंग वॉक पर जाना था तो मैं घर से चल दिया और रोज ही की तरह उसे देखने की आस में मेरी निगाहें उसके घर के सामने पहुंचते ही उसे तलाशने लगीं लेकिन वह मुझे कहीं भी दिखाई नहीं दी और ना ही रास्ते में आते-जाते मिली। मैं मॉर्निंग वॉक से वापस आया और नहा धोकर नाश्ता किया, उसके बाद मैं बाहर चला गया ताकि उसे देख सकूं। कुछ समय तक मेरी निगाहें उसे ढूंढती रहीं लेकिन वह मुझे कहीं दिखाई नहीं दी। मेरा उसे देखने का बहुत मन कर रहा था और कुछ देर कोशिश करने के बाद आखिर वह मुझे दिख ही गई। मैं उसे ज्यादा देर तो नहीं देख सका लेकिन जितनी देर भी वह मेरे सामने रही मुझे बहुत अच्छा लगा। उसके बाद वह घर के अंदर चली गई और मैं भी अपने घर वापस आ गया। मेरा मन नहीं माना और मैं फिर से बाहर की ओर चल दिया ताकि उसे दोबारा देख सकूं क्योंकि अभी उसका कुछ काम बाकी था। मैं उसे ढूंढते हुए थोड़ा आगे निकल गया ताकि किसी को शक ना हो और कुछ समय बाद उधर से वापस आया लेकिन वह मुझे अभी दिखाई नहीं दी थी तो मैं वहीं पास में खड़ा हो गया, कुछ देर प्रतीक्षा की और उसके बाद वह घर से बाहर आई इस बार मैंने उसे देखा मुझे कुछ गड़बड़ लगा और मैं सावधानी बरतते हुए अपने घर लौट आया। मेरा यह शक सही साबित हुआ क्योंकि जैसे ही मैं अपने घर आया उसके घर की ओर से उसके घर का एक सदस्य बाहर आ रहा था।

            मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं थी तो मैं अपने कमरे में जाकर लेट गया और थोड़ा बहुत काम करने की कोशिश की लेकिन थोड़ा ही कर पाया था की फिर मेरा मन नहीं किया। गर्मी आज भी ज्यादा थी। मैंने पहले खाना खाया और फिर थोड़ी देर टहलने के बाद मैं एक बार फिर उसके घर की ओर गया लेकिन दोपहर के समय उसके दिखने की संभावना काफी कम होती है तो मैं जल्दी ही लौट आया और अपने कमरे में जाकर आराम करने लग गया। आज मैं शाम के समय काफी देर से बाहर गया था। हालांकि उस समय तक वह अपना आधा काम समाप्त कर चुकी थी लेकिन उसके दिखाई देने की संभावना अभी भी थी। जैसे ही मैं बाहर पहुंचा वह मुझे सामने ही दिख गई। उसे देखकर मेरा मन खुश हो गया और मैं शाम वाली अपनी जगह पर जाकर बैठ गया, जहां हम सभी दोस्त मिलते हैं, और जब वह अपने काम से आती जाती तो मैं उसे देखता रहता लेकिन हममें अभी भी बातें नहीं हो रही हैं और ना ही वह मेरी तरफ देख रही है। उसके चेहरे और आँखों से साफ पता चलता है कि उसके घर पर उसकी या तो डाँट पड़ी है या उस पर कुछ दबाव बनाया गया है। मैं कुछ देर वहाँ बैठा रहा और उसके बाद मेरे दोस्त भी आ गए। फिर हमने वहाँ बैठकर काफी देर बातें कीं, उसके बाद मैं कुछ काम से अपने घर वापस आ गया।

              अब मुझे किसी काम से उसके घर की ओर जाना था और जैसे ही मैं उसके घर के सामने पहुंचा वह मुझे फिर से दिखाई दे गई। इस बार उसने थोड़ा सा मेरी ओर देखा जैसे कुछ कहना चाह रही हो लेकिन सामने ही उसके घर का एक सदस्य था तो हम ज्यादा कुछ नहीं कर सके और मैंने काम समाप्त किया और घर वापस आ गया। घर आने के बाद मैं एक बार फिर से बाहर की ओर चला गया जहां मेरे दोस्त मेरा इंतजार कर रहे थे और हम सभी लोग गांव से बाहर घूमने निकल गए। जब धीरे-धीरे रात होने लगी तो हम वापस आए, रात का भोजन लेने के बाद रोज की तरह एक बार फिर से हम लोग टहलने के लिए निकल गए। गांव से बाहर जाकर हम कुछ देर वहां बैठे और बातें कीं और उसके बाद हम लोग वापस आ गए।

           कल मेरे मोबाइल का रिचार्ज भी समाप्त हो गया था और क्योंकि रिचार्ज रात के 10:15 बजे समाप्त हुआ था इसलिए मैंने कल रिचार्ज नहीं कराया। जैसा कि आप सभी को पता चल गया होगा कि रिचार्ज काफी महंगे हो गए हैं। मैं पहले अपने jio number में 239 का रिचार्ज करवाता था जो कि अब 299 का हो चुका है, यानी कि सीधे-सीधे 60 रुपए महंगा हो गया है। औरों की तरह ही मुझे भी निजी कंपनियों की यह महंगाई बढ़ोत्तरी ठीक नहीं लगी। इतना महंगा तो नहीं करना चाहिए था भले ही थोड़ा-बहुत बढ़ा देते। इससे तो BSNL ही अच्छा है, हालांकि मेरा नंबर पहले BSNL का ही था लेकिन बीएसएनएल में यहां सिग्नल न होने की वजह से मैंने जिओ में पोर्ट करा लिया था। अभी भी बीएसएनएल की हालत वही है, अगर BSNL अपना नेटवर्क अच्छा कर ले तो उसकी टक्कर की कोई भी कंपनी नहीं है। यही वजह है कि मैं BSNL छोड़कर JIO में गया था, अब मन है फिर से बीएसएनएल में आने का लेकिन BSNL के सिग्नल हमारे यहां नहीं मिलते जिसकी वजह से बात नहीं हो पाती और फोन डिब्बा बन जाता है। नीचे तो नीचे छत पर जाने के बाद भी बीएसएनएल में सिग्नल नहीं आते इसलिए मजबूरी में बीएसएनएल छोड़ना पड़ा।

           सोशल मीडिया पर भी बहुत सारी मुहिम चल रही हैं जैसे बीएसएनएल की ओर लौटो, Port to BSNL… और इस बीएसएनएल वर्सेस जिओ एयरटेल वोडाफोन आइडिया की लड़ाई में मेरा वोट बीएसएनएल की तरफ ही है लेकिन बीएसएनएल की नेटवर्क कवरेज हमारे यहां अच्छी नहीं होने के कारण मजबूरी में निजी कंपनियों का सहारा लेना पड़ता है

           आज तबीयत थोड़ी ठीक ना होने की वजह से मेरा मन भी नहीं लग रहा है और ना ही मैं कुछ ज्यादा काम कर पा रहा हूँ, बस आराम करने का मन हो रहा है। अभी काफी रात हो चुकी है और मुझे नींद भी आने लगी है तो अब मैं चलता हूँ सोने, आपसे मुलाकात होगी कल फिर से एक नए ब्लॉग में… शुभ रात्रि।

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