स्वागत है आप सभी का मेरे इस ब्लॉग पर और आज है 5 जुलाई 2024। आज सुबह जब मैं अपने नियत समय पर सोकर उठा तो मैंने बाहर देखा कि आसमान में काफी बादल थे और बारिश होने की पूरी संभावना थी लेकिन मैं मॉर्निंग वॉक पर जाने के लिए तैयार हो गया। एक डर यह भी था कि कहीं रास्ते में बारिश ना आ जाए लेकिन फिर भी मैं चला गया हालांकि रास्ते में कुछ ही दूर चला था कि हल्की-हल्की बूंदे पड़ने लगीं। अब मैंने सोचा कि मैं वापस लौट जाऊं या आगे की ओर ही चलता रहूँ, क्योंकि बूंदें काफी हल्की थीं इसलिए मैंने आगे जाने का सोचा और यह निर्णय सही साबित हुआ क्योंकि थोड़ी देर बाद बारिश रुक चुकी थी। तब मुझे काफी संतोष हुआ कि अच्छा किया मैं वापस नहीं गया। मैं अपनी मॉर्निंग वॉक पूरी करके वापस लौट रहा था और रास्ते में जब मैं गाँव में आ गया तो फिर से वह मुझे सामने से आती हुई दिखी और हमेशा की तरह मैं खुश हो गया। इस बार मैं उससे कुछ नहीं कह पाया क्योंकि मेरे पीछे-पीछे कोई आ रहा था ऐसे में मैं उससे बोल ना सका और वह भी निगाह नीचे करके आगे बढ़ गई।
मेरे घर वापस आने के कुछ देर बाद बारिश भी शुरू हो गई। मैं नहा धोकर और नाश्ता करके बैठ गया लेकिन बारिश नहीं रुकी। हालांकि बारिश ज्यादा तेज तो नहीं थी लेकिन कभी हल्की कभी तेज हो रही थी, उससे यह फर्क पड़ा कि मुझे बाहर जाने का मौका नहीं मिला और इस समय के उसके दर्शन मुझे नहीं हो पाए। थोड़ा सा निराश होकर मैं अपने कमरे में चला गया और वहां अपना काम करता रहा। रात नींद पूरी ना हो पाने की वजह से मुझे हल्की सी झपकी भी लग गई। मैं दोपहर को लगभग 12:00 बजे उठा तब तक बारिश रुक चुकी थी। मैं तुरंत बाहर गया और उसके घर की ओर जाकर मैंने देखा तो वहां कुछ भी नहीं था क्योंकि वह अपना काम निपटा कर घर में थी और मैं भी अपने घर लौट आया। थोड़ी देर बाद अचानक से मेरे माता-पिता को कहीं जाना पड़ा और अब मैं घर में अकेला था, मेरा मन भी नहीं लग रहा था।
मैं घर में ही कभी इधर से उधर टहलता तो कभी मोबाइल चलाता तो कभी यूं ही बैठ जाता और जब मन नहीं माना तो मैं एक बार फिर से उसके घर की तरफ चल दिया लेकिन वह मुझे दिखाई नहीं दी। इसके बाद मैं थोड़े-थोड़े समय के पश्चात बार-बार अपने घर से उसके घर के बीच टहलने लगा और मेरी यह कोशिश सफल हुई। इस तरह से टहलते हुए मुझे दो बार वह देखने को मिल गई। वह नहा कर अपने घर से बाहर निकली थी उसके बाल दूर से देखने पर हल्के गीले लग रहे थे और खुले हुए थे। वह नीले रंग के सूट में बहुत ही सुंदर लग रही थी और आज उस पर अचानक से बहुत ज्यादा प्यार आ रहा था। मेरा मन कर रहा था कि मैं उसके पास जाकर उससे बातें करूं लेकिन ऐसा संभव नहीं था।
अब बारिश तो नहीं हो रही थी लेकिन आसमान में बादल काफी थे और ठंडी ठंडी हवा चल रही थी। इसकी वजह से आज का मौसम बहुत ही सुहावना लग रहा था और मैं कभी घर आकर बैठ जाता तो कभी घर के बाहर सड़क पर टहलने लगता। अब धीरे-धीरे दोपहर के बाद का समय होने लगा था और यह समय उसके घर से बाहर अपने बचे हुए काम को समाप्त करने का था तो मैं उसे देखने की आस में अपने घर से उसके घर की ओर चल दिया और मेरा यह प्रयास फलीभूत हुआ क्योंकि जैसे ही मैं उसके घर के सामने पहुंचा वह मुझे बाहर दिख गई। उसने भी मेरी तरफ देखा कि मैं वहाँ खड़ा हूँ या नहीं। शायद वह सोच रही होगी कि इसे मेरे घर से बाहर निकलने का समय पता रहता है और यह कोई भी मौका नहीं छोड़ता मुझे देखने का। आज वह मुझे ज्यादा देर देखने को नहीं मिली क्योंकि वह अपना आधे से ज्यादा काम समाप्त कर चुकी थी लेकिन फिर भी मुझे अच्छा लगा और जब वह घर के अंदर चली गई तो मैं भी वापस अपने घर आ गया। आज घर पर कोई नहीं था तो मैंने स्वयं चाय बनाई और ऐसे प्यारे मौसम में चाय की चुस्कियों का आनंद लिया। कुछ समय पश्चात मेरे माता-पिता भी घर आ चुके थे और अब मैं घर से बाहर जाने के लिए स्वतंत्र था क्योंकि अब तक घर पर कोई नहीं था तो मुझे घर ही रुकना पड़ा।
यह समय वैसे भी हम सभी लोगों के अपने-अपने घर से बाहर निकल कर एक जगह बैठकर बातें करने का होता है और रोज की तरह मैं भी घर से बाहर निकल गया। एक बार फिर से मुझे उसके दर्शन प्राप्त हुए, उसके दर्शन मात्र से ही मन प्रफुल्लित हो जाता है। ऐसे आनंद की अनुभूति होती है कि बस पूछो मत। जब रात होने लगी तो हम सभी लोग अपने-अपने घर वापस आ गए और कुछ देर बाद रात का भोजन लेने के पश्चात एक बार फिर से हम सभी लोग अपने नियत स्थान पर फिर से पहुँच गए। हमने अलग-अलग विषय पर बहुत सारी बातें कीं, गपशप की और फिर अपने-अपने घर वापस आ गए। अभी रात के 10:30 बज रहे हैं, इस समय बाहर आसमान में बादल छाए हुए हैं और रात को बारिश की भी संभावना है। अब देखते हैं सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाने के समय बारिश पड़ती है या नहीं और मैं तो दुआ करूंगा कि ना ही पड़े और पड़नी है तो उससे पहले पड़ जाए या मेरे मॉर्निंग वॉक से लौटकर आने के बाद पड़े क्योंकि इसकी वजह तो आप लोग समझ ही गए होंगे। तो चलिए अब रात काफी हो चुकी है अब मुझे नींद भी आने लगी है तो मैं अब चलता हूँ सोने, आपसे मुलाकात होगी एक बार फिर से कल एक और नए ब्लॉग पोस्ट के साथ। तब तक के लिए… शुभ रात्रि।
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