रविवार, 7 जुलाई 2024

उसे खुश देखकर बहुत अच्छा लगता है | दिन भर की बारिश परेशान कर देती है, मन भी नहीं लगता | Daily Lifestyle Blog | 6 July 2024

 हैलो दोस्तों कैसे हैं आप लोग, उम्मीद करता हूँ आप सब अच्छे होंगे… तो स्वागत है आपका मेरे इस ब्लॉग पर और आज है 6 जुलाई 2024। तो चलिए मैं शेयर करता हूँ आपसे कि मेरा आज का दिन कैसा बीता… आज सुबह रोज की तरह मैं अपने नियत समय पर सो कर उठा तो आसमान में काले बादल छाए थे और बारिश कभी भी हो सकती थी लेकिन मैंने फिर भी मॉर्निंग वॉक पर जाने का फैसला किया और जैसे ही मैं गाँव से निकला हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। मुझे एक बार को लगा कि मैं लौट चलूँ लेकिन बारिश तेज नहीं थी तो मैंने आगे जाने का फैसला किया, और सही हुआ मैं मॉर्निंग वॉक पर चला गया क्योंकि उसके बाद बारिश रुक गई थी। मैं मॉर्निंग वॉक पूरी करके घर वापस आ गया लेकिन आज मुझे वह ना तो इधर से जाते हुए मिली और ना ही उधर से आते हुए मिली। उसे ना देख पाने की वजह से थोड़ी सी बेचैनी भी हुई लेकिन क्या किया जा सकता था। मैं वापस आकर अपने दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर नाश्ता करके बैठा था और इस समय जो पहले हल्की बारिश हो रही थी वह रुक गई थी तो मैं उसके घर की ओर चल दिया और सौभाग्य से वह मुझे दिखाई पड़ गई। उसे देखते ही मेरा मन बहुत खुश हुआ जैसा कि हर बार होता है। उस समय मैं अपने किसी काम से जा रहा था तो मैं वहाँ रुका नहीं और आगे निकल गया।

           अब थोड़ी देर बाद ही हल्की-हल्की बारिश शुरू हो गई थी जो कि धीरे-धीरे तेज होती गई। बीच में कुछ समय के लिए बारिश थोड़ी सी हल्की हुई तो मैं एक बार फिर से घर के बाहर निकल गया उसे देखने उसके घर की ओर और इस बार मुझे थोड़ी प्रतीक्षा करनी पड़ी। कुछ देर खड़े रहने के बाद जैसे ही मैंने घर वापस आने का सोचा तो मेरे कानों में उसकी मधुर आवाज सुनाई दी और मैं वहीं रुक गया। मुझे उम्मीद थी कि वह बाहर जरूर आएगी और ऐसा ही हुआ, थोड़ी देर बाद वह घर से बाहर आई। उसने मुझे देखा और मैंने उसे देखा। आज वह थोड़ी सी खुश दिखाई पड़ रही थी, हालांकि वह जल्दी ही घर के अंदर चली गई लेकिन मैं फिर भी काफी देर तक वहीं खड़ा रहा और कुछ समय के बाद वह फिर घर से बाहर आई और एक बार फिर उसके दर्शन मुझे प्राप्त हुए। अब बारिश तेज होने लगी थी तो मैं घर वापस लौट आया।

          दोपहर के बाद जब बारिश तेज हुई तो शाम तक नहीं रुकी और पूरा दिन उसके बाद से ऐसे ही निकल गया। ऐसे में घर से बाहर जाना भी संभव नहीं था और उसे देख पाना भी, तो मन मार कर मुझे घर ही रहना पड़ा। हालांकि मैं थोड़ी देर के लिए फिर भी बारिश में बाहर चला गया, मैं थोड़ा सा भीग गया था लेकिन यह सब बेकार रहा वह मुझे दिखाई नहीं दी तो मैंने अपने आप को समझा दिया कि आज तो ऐसे ही रहना पड़ेगा और कल का इंतजार करते हैं। अभी रात के 11:00 बज रहे हैं और अभी भी रुक-रुक कर बारिश हो रही है और सुबह बारिश की पूरी संभावना है तो हो सकता है कल मॉर्निंग वॉक पर जाने का मौका ना मिले लेकिन मैं भगवान से प्रार्थना करुँगा कि उस समय बारिश ना हो और मैं बाहर जा पाऊँ और उसे देख पाऊँ।

            एक बार वह मुझे सुबह भी देखने को मिली थी जब मैं मॉर्निंग वॉक से वापस आया था। मॉर्निंग वॉक से वापस आकर मैं तुरंत ही बाहर चला गया क्योंकि उस समय एक मौका था उसके घर से बाहर आने का और ऐसा ही हुआ। जैसे ही मैं वहाँ पहुँचा वह इस समय अपने घर से बाहर निकल रही थी लेकिन उस समय जैसे उसने मेरी तरफ देखा तो उसकी आँखों में कुछ शिकायत लग रही थी, पता नहीं क्या बात थी या वह क्या सोच रही थी या क्या कहना चाहती थी। लेकिन… जब वह मुझे दोपहर को मिली तो काफी खुश दिखाई दे रही थी और उसे खुश देखकर मुझे बहुत अच्छा लगता है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूँ कि वह हमेशा ऐसे ही खुश रहे और कभी दुखी ना हो।

             आज लगभग पूरा दिन घर पर ही रहना पड़ा क्योंकि पूरा दिन रुक-रुक कर बारिश होती रही। पूरे दिन घर पर रहने के कारण बोरियत भी महसूस होने लगी थी क्योंकि बाहर निकलने को नहीं मिल रहा था, हालांकि मैं कोशिश करके कुछ समय के लिए बाहर निकल ही गया। कुछ समय की बारिश तो अच्छी लगती है लेकिन जब पूरा दिन ही बारिश की वजह से घर के अंदर रहना पड़े तो मन नहीं लगता, कुछ अजीब सा मन होने लगता है। तो कुछ इस तरह से बीता मेरा आज का दिन और अभी रात काफी हो चुकी है तो मैं चलता हूँ सोने, अब आपसे मुलाकात होगी फिर से कल एक नए ब्लॉग पोस्ट में। तब तक के लिए… शुभ रात्रि।

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