स्वागत है आप सभी लोगों का फिर से एक बार मेरे इस ब्लॉग पर और आज है 7 जुलाई 2024। अभी शाम के 5:00 बजने वाले हैं, चलिए आपको आपको बताता हूँ कि सुबह से आज क्या-क्या हुआ। जैसे कि कल ही मुझे कुछ अंदेशा था कि सुबह को मॉर्निंग वॉक पर जाने का मौका शायद ना मिले ठीक वैसा ही हुआ। कल से लगातार बारिश हो रही थी, अभी लगभग 2 घंटे पहले ही बारिश रुकी है। जैसे ही मैं सुबह उठा तो बाहर देखने की आवश्यकता भी नहीं पड़ी मुझे बिस्तर पर लेटे-लेटे ही बाहर हो रही बारिश की आवाज आ गई। आज मुझे बिस्तर से उठने की आवश्यकता भी नहीं पड़ी। बाहर काफी तेज बारिश हो रही थी। उसे देखने की उम्मीद भी धूमिल हो गई लेकिन थोड़ी देर बाद बारिश कुछ हल्की हुई और मैं उसे देखने की आस में बाहर निकल गया। वह मुझे दिख तो गई लेकिन पीछे से, क्योंकि वह आगे जा रही थी। मैं उसके लौट कर आने की उम्मीद में थोड़ी देर और रुक गया और जब वह उधर से आई तो मुझे अच्छे से उसके दर्शन हुए। इसी समय मुझे किसी ने कुछ बात करने के लिए वहाँ रोक लिया और यह मेरे लिए बहुत अच्छा साबित हुआ क्योंकि इस बहाने वह मुझे दो-तीन बार और देखने को मिली। कुछ देर बाद मैं घर वापस आ गया।
अब बारिश फिर से तेज हो गई थी तो मैं नहा धोकर नाश्ता करके अपने कमरे में चला गया, क्योंकि अब बाहर निकलना संभव नहीं था। मैंने कुछ देर आराम किया, फिर मोबाइल चलाया और उसके बाद अपने कुछ काम निपटाए। बारिश भी लगातार होती जा रही थी और रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी जैसे मुझसे कह रही हो “आज तो तुझे बाहर नहीं जाने दूंगी”। दोपहर को 3:00 बजे के आसपास बारिश रुकी, उसके बाद ही बाहर आने का मौका मिला लेकिन मैं बाहर नहीं आया। मैं कुछ देर घर में ही रहा। शाम की चाय पीने के बाद मैं बाहर किसी काम से आया तो मुझे वह फिर से देखने को मिली। जैसे ही वह मेरे सामने आई उसकी निगाह भी मुझ पर पड़ी लेकिन उसने तुरंत निगाह हटा ली शायद सामने उसके घर का कोई सदस्य बैठा होगा। जब उसके आसपास कोई बैठा होता है तो वो ऐसा ही करती है।
अभी शाम के 5:15 बज रहे हैं और इस समय मौसम बहुत ही सुहावना हो रहा है। बारिश होने की वजह से ठंडी हवा चल रही है। मैं इस समय अपने घर से थोड़ी दूर उसके घर के पास बैठा हूँ। अभी मैं अकेला ही बैठा हूँ, मेरे दोस्तों में से कोई नहीं आया है अभी तक, तो मैंने सोचा कि मैं आज का ब्लॉग पोस्ट ही लिख लेता हूँ क्योंकि जब सब लोग साथ होते हैं तो लिखना संभव नहीं हो पाता। आज जिस तरह का मौसम हो रहा है उसमें घूमने का बहुत मन करता है क्योंकि यह शांत, सुहावना और साफ-स्वच्छ वातावरण सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। हरे भरे खेत देखकर काफी अच्छा लगता है। गांव में बारिश के साथ एक समस्या अपने आप आ जाती है और वह यह कि जैसे ही बारिश आती है लाइट चली जाती है। अभी आधी रात से बारिश हो रही थी कुछ देर पहले तक, और तभी से लाइट गायब है। हालांकि इनवर्टर अभी तक बैकअप दे रहा है और हमारे यहाँ सोलर पैनल भी लगा है तो अभी तक तो लाइट जाने से हमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन अगर ज्यादा समय तक लाइट गायब रही तब समस्या पैदा हो सकती है। जब हमें लगता है कि लाइट ज्यादा समय तक गायब रह सकती है तो हम अपने घर में बिजली की खपत काफी कम कर देते हैं, जैसे इस समय बारिश का मौसम है और हवा भी ठंडी है तो गर्मी भी नहीं लग रही है तो पंखे बंद रहते हैं। ऐसे में हम टीवी देखने का समय भी कम कर देते हैं और अगर आवश्यकता पड़ी तो कुछ समय के लिए फ्रिज भी बंद करना पड़ जाता है।
शाम मुझे वहाँ बैठे-बैठे काफी देर हो गई थी लेकिन कोई नहीं आया तो मैं घर वापस आ गया। घर आकर मैंने घर के कुछ काम निपटाए और कुछ देर बाद फिर से वहीं चला गया। वहाँ जाते हुए रास्ते में उसका घर पड़ता है और आदतन उसके घर के सामने जाकर उसके घर की ओर निगाह अपने आप चली जाती है ताकि उसे देख सकूँ और वह दरवाजे के झरोखे में से दिख ही गई। बहुत अच्छी लग रही थी लेकिन मैं वहाँ रुक नहीं सकता था इसलिए आगे बढ़ गया। अब मैंने वहाँ जाकर देखा तो मेरे सारे दोस्त बैठे हुए थे, फिर हम लोगों ने काफी देर तक बातें कीं। इस समय तक हल्की-हल्की बूंदाबांदी भी शुरू हो गई थी तो कुछ देर बाद हम सभी लोग वापस अपने-अपने घर लौट गए।
रात का खाना खाने के बाद हम सभी फिर से वहीं इकट्ठे हुए। बारिश की वजह से हम टहलने नहीं जा पाते हैं। कई दिन से बारिश ने हमें रोक रखा है तो हम वहीं बैठकर बातें करते रहते हैं और जितना हो सकता है वहीं टहल लेते हैं। लगभग 10:00 बजे हम सभी लोग अपने-अपने घर वापस आ गए। अभी रात के 11:30 बज रहे हैं और यह समय हो जाता है मेरे सोने का, तो अब आपसे मुलाकात होगी कल फिर से एक और नए ब्लॉग पोस्ट में, तब तक के लिए… शुभ रात्रि।
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