मंगलवार, 24 सितंबर 2024

तो इस वजह से वो मुझसे बात नहीं कर रही है | Daily Diary | 23 September Diary

 स्वागत है आप सभी लोगों का मेरी डेली डायरी में, आज है 23 सितंबर 2024। मेरा आज का दिन काफी हद तक ठीक था अगर सुबह को छोड़ दें तो। कल के मुकाबले आज काफी अच्छा महसूस हो रहा था। आज कुछ ऐसी बात पता चली जिससे मुझे थोड़ी शांति मिली। लेकिन सुबह का समय कल जैसा ही था। अपने जागने के समय से 1 घंटा पहले ही मेरी आंख खुल गई थी और तब से मुझे नींद नहीं आ रही थी। मन में वही कल वाली बातें चल रही थीं, हालांकि उस समय काफी रात थी और मैं सोने की कोशिश कर रहा था लेकिन कल की बात को लेकर एक अजीब सी चिंता दिमाग में रह रहकर उठ रही थी और मुझे नींद नहीं आई। यही सब चलते-चलते मेरे उठने का समय हो गया।

          मैं सुबह सोकर उठा तो मन कुछ ठीक नहीं था। उठने के बाद मैं काम से बाहर गया। उसके घर की ओर जाकर मैंने उसे देखने की कोशिश की लेकिन वह दिखाई नहीं दी। काम समाप्त करके मैं वापस घर आ गया। नहा धोकर मैंने नाश्ता किया और बाहर की ओर निकल गया। आज मुझे एक और बात पता चली जिससे मेरे मन को थोड़ी शांति मिली हालांकि बात अच्छी नहीं थी। मुझे पता चला कि उसके घर में एक बार फिर से हमें लेकर कुछ बातें हुई हैं और इसी बात को लेकर वह थोड़ी परेशान हो गई है। उस दिन इसीलिए मुझे देखकर वह अपनी छत पर से नीचे चली गई थी। उस समय तक मुझे कुछ पता नहीं था तो आज जब मुझे वह बात पता चली तो मुझे समझ में आया कि वह नीचे क्यों गई थी। सावधानी बरतते हुए उसने यह कदम उठाया। अगर वह नहीं जाती और कोई हमें वहां देख लेता, उसे उसकी छत पर और मुझे थोड़ी दूरी पर बैठे हुए, तो उसे शक हो जाता। हालांकि मुझे परेशानी हो रही है लेकिन मैं उसके साथ हूँ। उसने ठीक किया। अब मुझे समझ में आ रहा है कि कुछ दिनों से वह थोड़ी अलग तरह का व्यवहार क्यों कर रही है।

           बाहर से आने के बाद मैं पढ़ने बैठ गया। कुछ देर पढ़ने के बाद मैंने घर के अन्य काम किये। दोपहर को खाना खाया और आदतन बाहर की ओर निकल गया। उसे देखने की मैंने कोशिश की लेकिन वह मुझे दिखाई नहीं दी। फिर वापस आकर मैं कुछ देर और पढ़ा, उसके बाद मैंने अपने कुछ काम किये। शाम तक यूं ही चलता रहा। शाम के समय जब मैं अपने घर पर था तो बाहर से मुझे उसकी आवाज सुनाई दी। यह आवाज इतनी साफ तो नहीं थी लेकिन मुझे लग गया था कि यह उसी की आवाज है। मैं तुरंत अपने घर से बाहर आया और सौभाग्य से यह वही थी और दुकान से घर वापस जा रही थी। मैंने उसे देखा तो मुझे बहुत खुशी हुई। जाते हुए उसने भी साइड से मेरी ओर देखा और आगे चली गई। आज पता नहीं क्यों वह मुझे बहुत अच्छी लग रही थी।

          शाम हो चुकी थी। शाम की चाय पीने के बाद मैं फिर से बाहर निकल गया और जैसे ही मैं उसके घर के पास पहुंचा, वह अपने घर के बाहर ही बच्चे को खिला रही थी। हालांकि उसके आसपास और भी लोग थे उसके घर के, लेकिन मैं थोड़ी दूरी पर था और वहां से मैं और किसी को नहीं दिख रहा था… केवल वही मुझे देख सकती थी। मैं कुछ देर वहीं खड़ा रहा और उसे देखता रहा लेकिन वहां ज्यादा देर खड़े होना ठीक नहीं था तो मैं वापस आ गया। थोड़ी देर बाद मैं फिर से बाहर की ओर गया लेकिन तब तक वह अपने घर के अंदर जा चुकी थी। मैं आगे निकल गया और कुछ देर बाद वापस आया। घर आने के बाद मैंने कुछ काम किया और उसके बाद फिर से बाहर चला गया। अब यह समय था मेरे नियत स्थान पर जाकर बैठने का क्योंकि शाम के समय हम सभी लोग वहां इकट्ठे हो जाते हैं और बातें करते रहते हैं। मैं वहां जाकर बैठ गया और मोबाइल में कुछ काम करने लगा क्योंकि अभी तक मैं अकेला बैठा था। मैं उसकी प्रतीक्षा कर रहा था कि वह दिखाई दे लेकिन वह नहीं दिखी। थोड़ी देर बाद अन्य लोग भी आ गए और हम बातें करते रहे। जब रात होने लगी तो मैं घर वापस आ गया।

         रात का खाना खाने के बाद रोज की तरह मैं बाहर टहलने निकल गया। आज की बात को लेकर मुझे लग रहा था कि अभी कुछ दिन तक वह छत पर नहीं आएगी और ऐसा ही हुआ। आज वह छत पर नहीं आई लेकिन उसके परिवार के कुछ और सदस्य छत पर थे। मैं और मेरे साथी वहीं कुछ देर टहलते रहे। उसके बाद हम चलते-चलते गांव से बाहर निकल गए और जब घर आने का समय हुआ हम लोग वापस आ गए। आज मैं अपने कुछ काम दिन में नहीं कर पाया था तो मैंने वापस आकर अपने वह काम निपटाए और अब काम निपटाने के बाद मैं यह डायरी लिख रहा हूँ। अभी रात के 11:30 बजने वाले हैं तो अब मैं चलता हूँ सोने, आपसे मिलूंगा कल फिर से एक और नई पोस्ट के साथ… शुभ रात्रि।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

मेरा आज का दिन कल से भी ज्यादा उदासी भरा रहा...| 26 October 2024 Diary

स्वागत है आप लोगों का मेरी दैनिक डायरी में, आज है 26 अक्टूबर 2024। मेरा आज का दिन बहुत ही खराब रहा जैसे कि मैंने आपको कल बताया था कि कल उसने...