शुक्रवार, 27 सितंबर 2024

वो आधे बंद दरवाजे में से मुझे देख लेती थी... उसके देखने के तरीके में मुझे शिकायत दिख रही है | Daily Diary | 26 September Diary

 स्वागत है आप लोगों का मेरी डेली डायरी में, आज है 26 सितंबर 2024। जब मैं सुबह सो कर उठा तो मुझे उठने में आज फिर से परेशानी हुई क्योंकि रात मेरी नींद पूरी नहीं हुई थी। रात मैं 1:00 बजे के बाद सोया था। 1:00 बजे तो मैं सोने के लिए बिस्तर पर गया था और उसके बहुत देर बाद मुझे नींद आई होगी क्योंकि मुझे करवटें बदलते बदलते काफी देर हो चुकी थी और पता नहीं कब नींद आई। सुबह अपने नियत समय से पहले ही मेरी आंख खुल गई थी। मैं रात पूरी नींद नहीं ले पाया और आज मैं दिन में भी नहीं सोया।

         सुबह मैं सो कर उठा और उठने के कुछ देर बाद काम से बाहर गया। उसके घर की ओर जाते हुए मेरी निगाहें उसे ही तलाश रही थीं क्योंकि मुझे उसकी बहुत चिंता हो रही है… पता नहीं वह कैसी होगी, उसे किसी ने कुछ कहा तो नहीं है। मुझे थोड़ी देर प्रतीक्षा करनी पड़ी। कुछ समय बाद वह घर से बाहर आई। मैंने उसे देखा तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ। उसने भी थोड़ी देर के लिए मेरी ओर देखा और उसकी नजरों में मुझे अभी कुछ शिकायत नजर आ रही है। उसके बाद वह घर के अंदर चली गई। मैंने थोड़ी देर और प्रतीक्षा की लेकिन वह बाहर नहीं आई। फिर मैं वापस घर आ गया। उसके बाद मैंने एक-दो चक्कर और लगाए उसके घर की ओर लेकिन वह मुझे देखने को नहीं मिली। फिर मैं घर आ गया और नहा धोकर नाश्ता करने के बाद एक बार फिर से बाहर आया लेकिन वह मुझे अभी भी दिखाई नहीं दी। मैं वापस घर लौट आया और पढ़ने बैठ गया।

          मैं कुछ देर पढ़ा और उसके बाद मैंने अपने कुछ अन्य काम किये। रात नींद पूरी न होने की वजह से मुझे दिन में सुस्ती आ रही थी लेकिन मैंने तय कर लिया था कि मैं आज दिन में नहीं सोऊंगा क्योंकि मुझे पढ़ाई भी करनी थी और मेरे अन्य काम भी बचे हुए थे जो कि हर हाल में करने थे। मैं बारी-बारी से कभी पढ़ता तो कभी अपने काम करता। इसी तरह दोपहर हो गई। मैंने दोपहर का खाना खाया और उसके बाद बाहर चला गया। जब मैं उसके घर के पास पहुंचा तो मुझे उसकी आवाज सुनाई दी। वह अपने दरवाजे पर थी और उसे देखने के लिए मुझे घूम कर दूसरी ओर से जाना पड़ता जो कि उस समय संभव नहीं था क्योंकि वहां और भी कई लोग थे। मुझे उसकी आवाज सुनकर ही संतोष करना पड़ा। वह मुझे देखने को नहीं मिली। थोड़ी देर बाद मैं घर वापस आ गया। मैंने फिर से कुछ देर पढ़ाई की और उसके बाद अपने कुछ काम निपटाए। दोपहर भर यही सिलसिला चलता रहा।

           मैं दोपहर को एक बार और बाहर गया और इस बार वह मुझे देखने को मिल गई। अपने गीले कपड़े जो उसने तार पर सूखने के लिए डाले हुए थे वह सूख चुके थे, और उन्हें उतार कर रख रही थी। मैंने कुछ देर उसे देखा। उसने भी मुझे देख लिया था लेकिन वह अभी मजबूर है। मैं उसे तार पर से कपड़े उतारते हुए देख रहा था। कपड़े उतारने के बाद वह घर के अंदर चली गई और मैं अपने घर वापस आ गया। शाम की चाय का समय हो गया था। मैंने चाय पी और उसके बाद फिर से पढ़ने बैठ गया क्योंकि अभी शाम को मेरे बाहर जाने का समय नहीं हुआ था। कुछ समय पढ़ाई करने के बाद मैंने अपने कुछ और काम किये।

         अब शाम हो चुकी थी और यह समय था मेरे बाहर जाने का, तो मैं घर से बाहर की ओर निकल गया… अपने उसी नियत स्थान पर बैठने के लिए और आज जैसे ही मैं वहां पहुंचा वह मुझे दरवाजे पर खड़ी मिल गई। वह अपनी एक सहेली से बात कर रही थी। जैसे ही मैंने उसे देखा, मैं एकदम से खुश हो गया और मोबाइल चलाते हुए मैं उसे देखता रहा। उसने मुझे देखा और थोड़ी देर बाद दरवाजा आधा बंद कर लिया। वह आधे बंद दरवाजे में से ही झाँककर मुझे देख लेती थी। थोड़ी देर वहां बातें करने के बाद वह और उसकी सहेली अंदर की ओर हो गए और दरवाजा बंद कर लिया। अब उसके फिर से आने की कोई संभावना नहीं थी। मैं कुछ देर वहीं खड़ा रहा उसके बाद घर से मेरा बुलावा आ गया और मैं वापस घर आ गया।

        रात का खाना खाने के बाद आज मैं और मेरे साथी टहलने के लिए गांव से बाहर निकल गए और जब हम वहां से वापस लौटे तो कुछ देर के लिए अपने नियत स्थान पर बैठ गए। उसके छत पर आने की कोई संभावना नहीं थी और अगर आती भी तो हम लोग बातचीत नहीं कर पाते क्योंकि मेरे साथी वहां बैठे थे। हम कुछ देर वहां बैठे बातें करते रहे और उसके बाद मुझे नींद आने लगी क्योंकि रात नींद पूरी न होने की वजह से मेरी आंखों में नींद भरी थी। मैं घर वापस आ गया। घर आने के बाद मैंने अपने आज के बाकी बचे काम निपटाए और उसके बाद मैंने अपनी आज की डायरी लिखनी शुरू की। हालांकि मुझे एक बार को लगा कि मैं आज ना तो कुछ काम कर पाऊंगा और ना ही डायरी लिख पाऊंगा क्योंकि मुझे नींद भी आ रही थी और शायद इसी वजह से मन नहीं कर रहा था। लेकिन मैंने अपने मन को मजबूत किया और अपने लक्ष्य पर फोकस किया और काम करने के बाद डायरी लिखने बैठ गया। अभी रात के 11:15 बजने वाले हैं और मुझे आज काफी नींद आ रही है तो मैं चलता हूँ सोने, आपसे मिलूंगा कल फिर से एक और नई पोस्ट के साथ… शुभ रात्रि।

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