स्वागत है आप लोगों का मेरी दैनिक डायरी में, आज है 18 अक्टूबर 2024। कल मैंने आपको जैसे बताया था कि मैं बाहर गया हुआ था और सुबह जाने के बाद रात को घर लौटा था, तो पूरे दिन वह मुझे देखने को नहीं मिली थी। उसके बाद मैंने सोचा कि मुझे इस रात का और इंतजार करना पड़ेगा और सुबह वह देखने को मिलेगी लेकिन आज भी वह मुझे शाम तक देखने को नहीं मिली। आज मुझे सुबह जल्दी उठना पड़ा क्योंकि पिताजी की तबीयत कल अचानक खराब हो गई थी इसलिए घर का सारा काम मुझे ही करना पड़ रहा है तो मुझे आज जल्दी उठना पड़ा। सुबह उठने के बाद मैंने घर का काम निपटाया और बाहर गया लेकिन वह मुझे देखने को नहीं मिली थी। उसके बाद मैं बाहर नहीं गया। काम निपटाने के बाद मैं नहाया और नाश्ता किया, उसके बाद बाहर गया लेकिन अब भी वह मुझे देखने को नहीं मिली… जबकि कल पूरा दिन उसे देखे बिना गुजर गया था और मुझे उम्मीद थी कि रात गुजरने के बाद सुबह वो देखने को मिल जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
दोपहर तक मैंने तीन-चार चक्कर और लगाए। हर बार उसके घर के सामने से गुजरा तो उसके घर की ओर देखता। उसके घर के बाकी सदस्य तो मुझे नजर आ रहे थे लेकिन वह कहीं नजर नहीं आ रही थी। मैं घर लौट आया और थोड़ा सा अपना काम किया, उसके बाद मुझे नींद आने लगी लेकिन मैं सोया नहीं क्योंकि मैंने अभी तक खाना नहीं खाया था। पहले मैंने दोपहर का खाना खाया और उसके बाद मुझे किसी काम से बाहर की ओर जाना पड़ा। इस बार भी मैंने उसके घर के सामने जाकर उसे देखने की कोशिश की लेकिन वह मुझे नहीं दिखी। उसके कपड़े जरूर बाहर तार पर सूख रहे थे, इसका मतलब था कि वह नहाकर घर के अंदर आराम कर रही होगी। मैं वापस घर आ गया और सो गया। जब मैं उठा तब तक चाय का वक्त हो चुका था। मैंने शाम की चाय पी और फिर से बाहर की ओर चला गया। मैं उसके घर के पास पहुंचा ही था कि मुझे उसकी आवाज आ रही थी लेकिन वह कहीं भी दिख नहीं रही थी। मैं वहीं खड़ा होकर उसके थोड़ा और आगे आने की प्रतीक्षा करने लगा। आखिरकार थोड़ी देर बाद वह मुझे दिखाई दी। कल सुबह के बाद से आज शाम को वह मुझे दिखाई दी और उसे देखकर मैं थोड़ा सा भावुक हो गया।
वह अपने घर के बाहर बच्चों को खिला रही थी। उसने जब मुझे वहां खड़े देखा तो थोड़ा झाँककर मेरी ओर देखा। मैं थोड़ा और आगे जाना चाहता था ताकि उसे और नजदीक से देख सकूं लेकिन तभी वह घर के अंदर चली गई। मैं आगे गया तो मैंने देखा कि उसके परिवार से एक सदस्य घर के बाहर निकल कर आया है इसलिए वह घर के अंदर चली गई थी ताकि उस सदस्य को कोई शक ना हो। मैं थोड़ा आगे जाकर फिर वापस लौट आया। घर आकर मैंने अपना एक काम किया और उसके बाद जब शाम हो गई तो मैं थोड़ी देर के लिए बाहर गया। उसका दरवाजा खुला हुआ था। मैं उसके घर के पास ही खड़ा था। थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि वह छत पर आई है। आज कई दिनों के बाद मैंने उसे छत पर देखा। वह बच्चे को खिलाते हुए छत पर टहल रही थी और बीच-बीच में छत के थोड़ा और आगे आ जाती थी, जिधर मैं खड़ा था। उसने थोड़ी देर मेरी ओर देखा और उसके बाद वापस टहलने लगी। उसे देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा। वह थोड़ी देर छत पर रही और बाद में नीचे चली गई। मुझे भी किसी काम से घर वापस आना था तो मैं वहां से घर आ गया।
रात का भोजन करने के बाद रोज की तरह मैं बाहर टहलने निकल गया। उसका दरवाजा बंद था और उसके घर से किसी भी तरह की कोई आवाज भी नहीं आ रही थी। मुझे लगा शायद वह सारा काम निपटा कर सोने के लिए चली गई होगी। मैं वहां टहलता रहा। कुछ समय बाद वहां मेरे और भी साथी आ गए। हम सभी वहां बातें कर रहे थे। थोड़ी देर बाद मुझे उसके घर से बर्तनों के खड़कने की आवाज आई, तब मुझे लगा कि वह अभी सोने के लिए नहीं गई है। खाना खाने के बाद बर्तन साफ कर रही है। वहां बातें करते-करते अचानक मेरी निगाह छत पर गई तो मुझे छत पर वह दिखाई दी। मैंने गौर से देखा कि यह वही है कहीं कोई और तो नहीं है, लेकिन यह वही थी। आज इतने समय बाद रात को वह छत पर आई। मुझे इतनी खुशी हुई कि मैं बयाँ नहीं कर सकता। वह छत पर आने के बाद थोड़ी देर मेरी ओर देखती रही लेकिन जब उसने देखा कि मेरे साथ और भी लोग हैं तो वह वापस चली गई। मुझे लगा कि वह थोड़ी देर बाद फिर से आएगी इसलिए मैंने अपने बाकी साथियों को आगे भेज दिया और मैं वहीं रुक गया। मैं अब अकेला था। मैंने उसकी काफी देर प्रतीक्षा की लेकिन फिर वह नहीं आई। मैं बार-बार छत की ओर देखता कि कहीं वह आई तो नहीं है लेकिन वह नहीं आई। उसे लगा होगा कि आज मेरे साथ और भी कई लोग हैं इसलिए फिर नहीं आई।
जब उसके आने की उम्मीद समाप्त हो गई तो मैं वहां से घर आ गया। घर आने के बाद मैंने अपना बचा हुआ काम निपटाया और फिर डायरी लिखने बैठ गया। आज उसे उसकी छत पर देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा। आज मुझे बहुत सुकून मिला कि इतने दिनों के बाद वो छत पर आयी। अब मुझे बेसब्री से कल का इंतजार है क्योंकि मुझे लग रहा है कि अब वह मुझसे बात कर लेगी। देखते हैं कल क्या होता है। अभी रात के 11:45 बजने वाले हैं तो चलिए अब मैं चलता हूँ सोने, आपसे मिलूंगा कल फिर से एक और नई पोस्ट के साथ… शुभ रात्रि।
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