मंगलवार, 8 अक्टूबर 2024

आज हमारे खेतों पर तेंदुआ देखा गया | 7 October 2024 Diary

 स्वागत है आप सभी लोगों का मेरी डेली डायरी में, आज है 7 अक्टूबर 2024। आज मैं थोड़ा जल्दी उठ गया था क्योंकि मैं कोशिश कर रहा हूँ कि रात को जल्दी सोकर सुबह जल्दी उठ जाऊं, लेकिन अभी ऐसा होता नहीं दिख रहा है क्योंकि रात को सोने में मैं रोज लेट हो जाता हूँ… लेकिन मैं कोशिश करता रहूंगा। आज सुबह उठने के बाद मैं रोज की तरह बाहर की ओर गया और जैसे ही उसके घर के सामने पहुंचा तो वह मुझे अपने घर में काम करती हुई दिख गई। मैंने उसे देख लिया था लेकिन उसने मुझे नहीं देखा। उसे देखकर थोड़ी देर बाद मैं वापस घर आ गया। घर आने के बाद मैं नहाया और नाश्ता किया, उसके बाद फिर से बाहर चला गया। इस बार भी वह मुझे दिख गई, वह घर में कुछ काम कर रही थी लेकिन इस बार वह नहा चुकी थी। आज वह जल्दी नहा ली, पहले तो देरी से नहाती थी। उसने मुझे अभी भी नहीं देखा था और मैं उसे देखकर वापस घर आ गया।

         आज बहुत दिनों के बाद मैं अपने खेत पर गया। हमारे खेत के पास ही दूसरे खेत में आज सुबह तेंदुआ देखा गया था। काफी दिनों से गांव के चारों ओर खेतों में तेंदुआ देखा जा रहा था और आखिरकार आज वह हमारे खेत के पास ही नजर आया। मैं उसे ही देखने गया था लेकिन मुझे पहुंचने में थोड़ी देर हो गई। बाकी लोग जो वहां थे उनका शोर सुनकर वह खेतों में आगे की ओर चला गया था और उसका पीछा किसी ने नहीं किया। लगभग रोज ही तेंदुए के देखे जाने की खबर किसी न किसी गांव से आती रहती थी। कभी किसी गांव में दिखता था तो कभी किसी गांव में, और हमारे गांव के आसपास खेतों में वह किसी न किसी को नजर आ ही जाता था। हालांकि अभी उसने किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया है लेकिन वह है तो जंगली जानवर ही। हमारे यहां किसी भी जंगली जानवर का कोई खतरा नहीं रहता था लेकिन पिछले कुछ समय से तेंदुए के देखे जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। जब तेंदुआ अंदर खेतों की ओर चला गया तो सभी लोग वहां से अपने-अपने घर आ गए।

           घर आने के बाद मैंने थोड़ी देर पढ़ाई की और उसके बाद दोपहर का भोजन किया क्योंकि तेंदुए को देखने के चक्कर में पहले ही काफी समय हो चुका था। दोपहर का खाना खाने के बाद मैं टहलने बाहर की ओर गया। उसके घर के सामने जाकर मैंने उसे देखने की कोशिश की लेकिन वह दिखाई नहीं दी। मैं वहां से वापस घर आ गया और पढ़ने बैठ गया। कुछ देर पढ़ने के बाद मैंने अपने अन्य काम किये। आज मैं दोपहर में नहीं सोया और अपने काम निपटाता रहा। ऐसे ही शाम की चाय का समय हो गया। मैंने चाय पी और बाहर निकल आया। वह मुझे अभी भी दिखाई नहीं दी थी। आज वह मुझे बहुत ही कम दिखाई दी। पता नहीं घर के अंदर क्या करती रहती है… आज अपने घर में भी ज्यादा चलते-फिरते दिखाई नहीं दी।

          मैं शाम के समय जाकर अपने नियत स्थान पर बैठ गया। उसका दरवाजा कुछ देर के लिए बंद था तो कुछ देर के लिए खुल गया था लेकिन वह मुझे फिर भी दिखाई नहीं दी। मैं बैठकर मोबाइल में अपना कुछ काम करने लगा। जब रात होने लगी तो मैं वहां से उठकर घर आ गया। घर आने के बाद मेरा जो काम अधूरा रह गया था वह मैंने पूरा किया। रात को खाना खाने के बाद मैं फिर से टहलने बाहर निकल गया। उसका दरवाजा अभी भी बंद था और उसके घर में काम करने की भी कोई आवाज नहीं आ रही थी। मैं वहां टहलता रहा। मैंने उसकी छत की ओर देखा, वहां कोई भी नहीं था। पता नहीं मुझे रोज-रोज क्यों लगता है कि वह आज आ सकती है… लेकिन वह नहीं आती। आज भी नहीं आई। मैं थोड़ी देर टहलने के बाद वहीं बैठ गया, तभी मेरे अन्य साथी आ गए। हमने वहां कुछ देर बातें कीं। उसके बाद वो लोग टहलने गांव से बाहर चले गए लेकिन मैं नहीं गया। मैं वहीं बैठा रहा और मोबाइल चलाते हुए उसके दरवाजे और छत की ओर देखता रहा। वह आज भी नहीं आई। हालांकि एक बार मुझे उसकी आवाज जरूर सुनाई दी लेकिन वह दिखी नहीं। थोड़ी देर बाद मैं घर आ गया। घर आकर मैंने अपने बाकी बचे काम पूरे किए और उसके बाद डायरी लिखने बैठ गया। अभी रात के 11:30 बजने वाले हैं तो अब मैं चलता हूँ सोने, आपसे मिलूंगा कल फिर से एक और नई पोस्ट के साथ… शुभ रात्रि।

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